Day 4 – अपनी इंद्रियों और मन को जीतना सीखो
हर महान ऋषि, संत, योद्धा और सफल व्यक्ति की नींव एक ही रही है — मन और इंद्रियों पर विजय। जिसने अपने मन को जीत लिया, उसने संसार को जीत…
हर महान ऋषि, संत, योद्धा और सफल व्यक्ति की नींव एक ही रही है — मन और इंद्रियों पर विजय। जिसने अपने मन को जीत लिया, उसने संसार को जीत…
View this post on Instagram जय मनभावन, जय अतिपावन, शोक नशावन शिवशंभो विपद विदारन, अधम उबारन, सत्य सनातन शिवशंभो सहज वचनहर, जलज नयनवर, धवल-वरन-तन शिवशंभो, मदन-कदन-कर पाप-हरण-हर, चरण मनन, धन…
View this post on Instagram जय रामेश्वर, जय नागेश्वर वैद्यनाथ, केदार हरे, मल्लिकार्जुन, सोमनाथ, जय, महाकाल ओंकार हरे, त्र्यम्बकेश्वर, जय घुश्मेश्वर भीमेश्वर जगतार हरे, काशी-पति, श्री विश्वनाथ जय मंगलमय अघहार…
अष्टावक्र गीता का तीसरा अध्याय आत्मज्ञान के बाद मनुष्य के वास्तविक अवस्था का वर्णन करता है यह अध्याय केवल दर्शन ही बल्कि उसे व्यक्ति की मन: स्थिति को प्रकट करता…
यह अध्याय केवल शास्त्र का ज्ञान नहीं है, बल्कि उस आत्मा की पुकार है जिसने स्वयं को पहचान लिया। पहले अध्याय में गुरु Ashtavakra ने राजा Janaka को आत्मज्ञान का…
यह अध्याय केवल श्लोकों का संग्रह नहीं है, बल्कि मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप का प्रत्यक्ष बोध कराने वाला दिव्य संवाद है। Ashtavakra यहाँ आत्मा का ऐसा ज्ञान देते हैं…
अगर आपने बालों के लिए ढेरों शैम्पू, तेल और अन्य उत्पादों का इस्तेमाल किया है और फिर भी लाभ नहीं मिला, तो यह मार्गदर्शन आपके लिए है। यहाँ हम किसी…
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृंदावन श्री वनचंद जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृंदावन श्री वनचंद जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री…
वारी जाऊ रे गुरा, बलिहारी जाऊ रे । मारा सतगुरु आंगन आया। वारी जाऊ रे। सतगुरु आँगन आया, में गंगा गोमती नाया। मारी निर्मल हो गई काया। में वारी जाऊ…
होई जावो संत सुधारो थारी काया जी। अपने धणियों रा मारग झीणा है ओ रावळमाल । समझ्योड़ा वो तो झीणोड़े मारग चालो । रथ घोड़ां ने धीमा हाको नी ओ…
क्यों टिक नहीं पाती खुशी? हर इंसान जीवन में खुश रहना चाहता है। कोई धन कमाता है, कोई मनोरंजन खोजता है, कोई रिश्तों में सुख ढूंढता है। लेकिन एक सवाल…
लंका में डंका बजाए गयो रे , लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला || नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा भगतों की विपदा मिटाए गयो रे…
हम सबका जन्म हरि नाम जपने के लिए हुआ है, परंतु अक्सर यह महसूस होता है कि जीवन का कोई और भी उद्देश्य है। इस संदर्भ में महाराज जी समझाते…
राम राम राम राम राम राम नाम में जीवन बीते मेंरे भैया जीवन की ये राहें सारी ,आती जाती छाया सच्चा साथी एक ही तेरा राम नाम की माया धनी…
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता । सद्गुण वैभव शालिनी , त्रिभुवन विख्यात ।। जय जय सरस्वती माता ।। चंद्रावदनी पद्मासिनि , कृति मंगलकारी । सोए शुभ हंस सवारी…
मोहे मोर बनइयो तो बनइयो वृन्दावन को मैं नाच नाच कूद कूद, तुमई को रिझाउंगो !! मोहे बंदर बनइयो तो, बनइयो सेवाकुंज को ! मैं कूदफांद ब्रजनन जोरन दिखाऊंगी !!…
वृंदावन का मोर बनू , गाऊ में तो राधे राधे। मोर बनियाओ तो बनइयो वृंदावन का , नाच नाच श्याम को रिझाऊं, गाऊ में तो राधे राधे। कोयल बनइयो तो…