जय मनभावन, जय अतिपावन, शोक नशावन शिवशंभो
विपद विदारन, अधम उबारन, सत्य सनातन शिवशंभो
सहज वचनहर, जलज नयनवर, धवल-वरन-तन शिवशंभो,
मदन-कदन-कर पाप-हरण-हर, चरण मनन, धन शिवशंभो
विवसन, विश्वरूप, प्रलयंकर, जग के मूलाधार हरे,
पार्वती पति हर हर शम्भो, पाहि पाहि दातार हरे
