जाके शीश पे गंगा और गले में डाले फिर रहे साँप इतने full lyrics song
शंभूशिव शंभूभोलेनाथ जब ज़िद पे आ गई पार्वतीजब ज़िद पे आ गई पार्वतीसमझाने पहुँचे सप्तऋषिसप्तऋषिसप्तऋषिकाहे ज़िद कर रहीकाहे घुमर रहीकाहे ज़िद कर रहीकाहे घुमर रहीऐसे वर के लानेकाहे ज़िद कर…
