समस्या के भीतर छिपा समाधान | समस्या को शक्ति में बदलना | looser to winner
पिछले भाग में हमने सीखा की समस्या आते ही घबराना नहीं है , बल्कि अपने दृष्टिकोण को बदलना है । लेकिन अब सवाल यह है – अगर समस्या सचमुच बहुत…
पिछले भाग में हमने सीखा की समस्या आते ही घबराना नहीं है , बल्कि अपने दृष्टिकोण को बदलना है । लेकिन अब सवाल यह है – अगर समस्या सचमुच बहुत…
* समस्या को अवसर की तरह देखना कल्पना कीजिए एक ऐसे व्यक्ति की, जिसकी उम्र लगभग 90 वर्ष है। जीवन में उसने सफलता भी देखी है, असफलता भी, धन भी…
भोले बाबा तेरी क्या ही बात है भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है दूर होके भी तू साथ हैं हो दूर होकर भी तू साथ हैं खुद को मैं…
वेदों में ब्रह्मचर्य को केवल व्यक्तिगत नियम नहीं बल्कि ओज , तेज ,आत्म बल , साहस और दीर्घकालिक पुरुषार्थ से जोड़ा गया है । अथर्ववेद का एक मंत्र कहता है…
प्राचीन भारत में राजा को केवल सिंहासन पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं माना जाता था । राजा को पूरे राष्ट्र के चरित्र का प्रतिनिधि समझा जाता था । उसके निर्णय…
घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे बाबा रामदेव जी ने संग में लावे जी, घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे । घोड़ो म्हारो टप टप पोड़ बजावे, यो तो घुघरिया…
ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल शरीर का अनुशासन नहीं माना , बल्कि संपूर्ण जीवन का विज्ञान कहा है । उनके लिए ब्रह्मचर्य का अर्थ था – विचारों की पवित्रता ,…
राष्ट्रभक्ति ले हृदय में हो खडा यदि देश सारा संकटो पर मात कर यह राष्ट्र विजयी हो हमारा ॥ क्या कभी किसने सुना है सूर्य छिपता तिमिर भय से क्या…
॥ जय भारती ॥ ॥ जय भारती ॥ जय भारती जय भारती जय भारती जय भारती स्वर्ग ने थी जिस तपोवन की उतारी आरती ॥ ज्ञान-रवी-किरणें जहाँ फूटीं प्रथम विस्तृत…
भारत म्हारो देश भारत म्हारो देश फूट वेश कि धन धन भारती बोलो जय जयकार ऊतारो आरती, ओ ऊतारो आरती…………… सोना उगले थरती अम्बर मोतीडा बरसावे रे मुलकै सूरज चांद…
हे जन्म भूमि भारत हे कर्म भूमि भारत हे जन्म भूमि भारत, हे कर्म भूमि भारत हे वंदनीय भारत, अभिनंदनीय भारत !! जीवन सुमन चढ़ाकर आराधना करेंगे तेरी जनम जनम…
अरे राम राम रे भाया राम राम रे, हे म्हारी बोली चाली रा गुणा माफ, भायो ने म्हारा राम राम रे ॥ हे कटे बेवाडू डोडा ऐल जी रे, भाया…
कैलाशनाथसदा साथ है उमापतिहे उमापतिआदि अनंत सर्वसंत है उमापतिजपो उमापतिजोगी भेष है महेश संग महासतीजोगी भेष है महेश संग महा सतीमौन सब जगतमें गूंज ओमकार की हे उमापतिहे उमापतिहे उमापतिहे…
हमहमहमहमहमया शिवादिल मनाया माता हिलाजनूरी मनाकोहान गवादुआका नाममेहरों मेंदिल बनावानामी तो दरिया रवायादी तो हराहर महादेवाओम नमः शिवायमाता हिंगजरहमतदिलहमयक बनयक बनसोभान रोशनकोहान सरगुलाल खानदानहर सफरदस्तान दुआआसमानदिल रवातोराअकोदरियानूर यक दुआ शिवा…
हर महादेव ओम नमः शिवाय बम बम भोले जय शिव शंकर जय भोलेनाथ हे शंभू बाबा मेरे मेरे भोलेनाथ तेरे दर पे आया हूं लेकर विश्वास तेरी दया से जीवन…
” ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत | “ ” वैदिक ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल एक नियम नहीं बल्कि ऐसी साधना माना है जो मनुष्य को आत्मबल धैर्य और उच्च जीवन…
यह अध्याय ज्ञानाष्टक कहलाता है। इसमें अष्टावक्र मुनि राजा जनक को बताते हैं कि मन की वास्तविक शांति बाहर की परिस्थितियाँ बदलने से नहीं, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने…