Day 14 आत्मनिरीक्षण की शक्ति the power of self reflection | 180 days challenge transformation yourself
आज इस 180 day challenge 14 दिन है पिछले 13 दिनों में अपने मोन अनुशासन कृतज्ञता और धैर्य का अभ्यास किया अब समय है उसे अभ्यास का जो हर महान…
आज इस 180 day challenge 14 दिन है पिछले 13 दिनों में अपने मोन अनुशासन कृतज्ञता और धैर्य का अभ्यास किया अब समय है उसे अभ्यास का जो हर महान…
धैर्य की शक्ति the power of patience आज इस 180 डे चैलेंज का 13 दिन है पिछले 12 दिनों में अपने अपने शरीर मन अनुशासन और कृतिका पर कार्य किया…
मेरे तन में भी शिव मेरे मन में भी शिवमेरे कण-कण में शिव मेरे मन मन में शिवरोम रोम में समाया शिव का नाम रे हाय मेरीसांसों में शिव का…
आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,कोटि नमन दिगम्बरा ॥निर्विकार ओमकार अविनाशी,तुम्ही देवाधि देवजगत सर्जक प्रलय करता,शिवम सत्यम सुंदरा ॥ निरंकार स्वरूप कालेश्वर,महा योगीश्वरा,दयानिधि दानिश्वर जय,जटाधार अभयंकरा ॥ शूल…
ओम नमः शिवायनमः शिवायओम नमः शिवाय ओमनमः शिवाय हर हर महादेव शिव शंभूभोलेनाथ भोले कैसे करूं तेरी सेवामेरे पास नहीं कुछ भी मेराबस तेरे नाम का दीप जलाऊंयही है जीवन…
आज इस 180 days challenge का बारहवां दिन है पिछले दिनों आपने शरीर मन मोन और अनुशासन पर कार्य किया आज आप उसे शक्ति का अभ्यास करेंगे जो जीवन की…
आज 180 day challenge का 11 दिन है आज का विषय है अनुशासन discipline अधिकांश लोग जीवन बदलने के लिए प्रेरणा motivation का इंतजार करते रहते हैं यह सोचते हैं…
राजी है हम उसी में जिसमे तेरी रजा है सारे जहां के मालिक । तेरा ही आसरा है । सारे जहां के मालिक । तेरा ही आसरा है। हम क्या…
अरे शंकर तेरी जटा मेंबाबा तेरी जटा में बहती है गंग धाराशंकर तेरी जटा में बहती है गंग धाराशंकर तेरी जटा शंकर तेरी जटामें बहती है गंग धारा शंकर तेरी…
” न तपस्तप इत्याहुर्ब्रह्मचर्यं तपोत्तमम्। ऊर्ध्वरेता भवेद्यस्तु स देवो न तु मानुषः॥ “ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में ब्रह्मचर्य को सर्वोच्च तप कहा गया है । इसका आशय केवल इंद्रिय संयम…
आज के युग में सबसे कीमती वस्तु सोना चांदी या पैसा नहीं है सबसे कीमती वस्तु है आपका ध्यान Attention दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां आपका समय खरीदना नहीं चाहती…
Day 10 — मौन की शक्ति : जब शब्द रुकते हैं तब आत्मा बोलती है
“मूकं करोति वाचालं पङ्गुं लङ्घयते गिरिम्।यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्॥ भगवान की कृपा से गूँगा भी वाणी का धनी बन सकता है और लंगड़ा भी पर्वत लांघ सकता है ।…
एकोऽहं असहायोऽहं कृशोऽहं अपरिच्छदः।स्वप्नेप्येवंविधा चिन्ता मृगेन्द्रस्य न जायते॥ “सिंह कभी यह नहीं सोचता कि वह अकेला है , उसके पास साधन कम है या कोई इसका सहारा नहीं है ।…
**** भारतीय इतिहास में चाणक्य को एक विशेष स्थान दिया गया है। उनकी विवेकपूर्ण बुद्धि और जीवन के मूल्यों पर उनका अद्वितीय ध्यान हमेशा से लोगों को प्रेरित करता रहा…
आज के समय में सबसे दुर्लभ चीज सोना , हीरा या पैसा नहीं है , सबसे दुर्लभ चीज है बिना किसी व्यवधान के लगातार एक ही कार्य पर ध्यान लगाए…
Focus समय बचाता है जिसने अपने ध्यान को नियंत्रित कर लिया उसने अपने समय को बढ़ा लिया अधिकांश लोग सोचते हैं कि जीवन में सबसे बड़ी समस्या समय की नहीं…