Focused work इतना rare क्यों हो गया ? | अध्याय 7 : अवधानात कर्म दुर्लभम| The power of focus
आज के समय में सबसे दुर्लभ चीज सोना , हीरा या पैसा नहीं है , सबसे दुर्लभ चीज है बिना किसी व्यवधान के लगातार एक ही कार्य पर ध्यान लगाए…
आज के समय में सबसे दुर्लभ चीज सोना , हीरा या पैसा नहीं है , सबसे दुर्लभ चीज है बिना किसी व्यवधान के लगातार एक ही कार्य पर ध्यान लगाए…
Focus समय बचाता है जिसने अपने ध्यान को नियंत्रित कर लिया उसने अपने समय को बढ़ा लिया अधिकांश लोग सोचते हैं कि जीवन में सबसे बड़ी समस्या समय की नहीं…
आज की दुनिया में हर व्यक्ति काम तो कर रहा है लेकिन हर काम सम्मान मूल्य का नहीं होता यही वह अंतर है जो साधारण और असाधारण लोगों के बीच…
आज इस 6 month transformation challenge का सातवां दिन है पिछले 6 दिनों में अपने अपने समय मां और आदतों पर काम करना शुरू किया लेकिन आज हम उसे चीज…
अवधानं परमं धनम् (Attention is the Highest Wealth) 👁️ ATTENTION │ ┌────────────────────┼────────────────────┐ │ │ │ TIME (समय) ENERGY (ऊर्जा) DECISIONS (निर्णय) │ │ │ └──────────────┬─────┴──────────────┘ │ DEEP FOCUS (गहन अवधान)…
FOCUS= SUCCESS
” किसी भी अरबपति की सबसे बड़ी पूंजी पैसा नहीं बल्कि उसका Attention होता है “ आज के युग में यदि आप किसी अरबपति से पूछे कि उसकी सबसे मूल्यवान…
इस पुस्तक का उद्देश्य आपको केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि आपके जीवन का परिवर्तन करना है। ज्ञान तभी मूल्यवान है, जब वह आपके व्यवहार, निर्णय और परिणामों में दिखाई…
“जहां ध्यान जाता है , वही जीवन बदलता है” कल्पना कीजिए कि आपके पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली मशीन है , लेकिन उसे चलाने के लिए केवल एक ही ईंधन…
अखिल ब्रह्मांड नायकापूर्ण पुरुषोत्तमावासुदेव नंदनगौ ब्राह्मण पालनायकयदु नंदन श्री राजाधिराजमहाराजश्री रुक्मणी द्वारिकाधीभगवान की जय जय यशोदा द्वारिका महाराज जय जयंदन वसुदेवजगत जय कृष्ण प्रभु करुणा जय श्याम जय जगतप्रभु जय…
ओ पालनहारे निर्गुण और न्यारे तुमरे बिन हमरा कौनों नाही हमरी उलझन , सुलझाओ भगवान तुमरे बिन हमरा कौनों नाही तुम्ही हमका हो संभाले तुम्हीं हमारे रखवाले तुमरे बिन हमरा…
सब सुख सागररूप उजागररहे वृंदावनधामसब सुख सागर रूपउजागररहे वृंदावनधामरूप गोस्वामीप्रकट कियोजहां रूप गोस्वामीप्रकट कियो जहां गोविंद रूपनिधानवृंदावनप्यारो वृंदावनश्री वृंदावनमेरो वृंदावनश्री वृंदावनप्यारो वृंदावनश्री वृंदावनमेरो वृंदावन बिहरत निश दिन कुंज गलिन में…
ना पता चले मुझे दिन का ना पता चले मुझे शाम का ना पता चले मुझे दिन का ना पता चले मुझे शाम का मैं तो भोलेनाथ दीवाना बस हूं…
यह अष्टाव के गीता अध्याय 10 ( उपसम प्रकरण ) का प्रारंभ है । इस अध्याय का मुख्य संदेश है – मन को संसार की दौड़ से हटकर आत्मा में…
दोस्तों जरा अपने ही जीवन की एक सच्चाई याद कीजिए , कितनी बार ऐसा हुआ कि जिस दिन आपके पास कोई काम नहीं था उसे दिन आपका मन सबसे ज्यादा…
सिर्फ 7 दिन हुए लेकिन सच कहूं इन सात दिनों में मैंने अपने बारे में जितना सिखा या शायद पिछले 7 महीना में भी नहीं सीखा था पहले मुझे लगता…
ओ मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे नाम मिलेंगे कुंज बिहारी ओ मन चल वृंदावन धामओ मन चल वृंदावन धामरटेंगे राधे राधे नाम मिलेंगे कुंज बिहारीओढ़ के कामरारीओ मिलेंगे…