अष्टावक्र गीता के सातवें अध्याय में राजा जनक अपने आत्मानुभव को व्यक्त कर रहे हैं। अब वे केवल शास्त्रों की बातें नहीं कर रहे, बल्कि उस सत्य को बोल रहे हैं जिसे उन्होंने स्वयं प्रत्यक्ष अनुभव किया है। यहाँ जनक का दृष्टिकोण पूर्णतः बदल चुका है। अब वे स्वयं को शरीर, मन, बुद्धि या संसार…
Chapter – 6 – The Higher Knowledge | लययोग ( उच्चतम आत्मज्ञान)
इस अध्याय में वक्ता बदल जाते हैं । अब ऋषि अष्टावक्र नहीं बल्कि आत्मा ज्ञान प्राप्त कर चुके राजा जनक अपने अनुभव को व्यक्त कर रहे हैं पिछले अध्ययनों में अष्टावक ने जो ज्ञान दिया था अब उसका प्रत्यक्ष अनुभव जनक के शब्दों में प्रकट हो रहा है । इसलिए यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है…
चन्दां चुप जा रे बादल में
राम गयो वनवास, म्हारो लखन गयो वनवास, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे बादल में, म्हारो राम गयो वनवास ।। राम बिना मारी सुनी अयोध्या, लखन बिना ठकुराई, सीता बिना म्हारी सुनो रसोई, कौन करे चतुराई, चंदा छुप जा रे बादल मे, म्हारो राम गयो वनवास ।। आगे आगे…
Hey Dukh Bhanjan | Powerful Hanuman Bhajan | मन को शांति देने वाला हनुमान भजन | Hanuman Chalisa Vibes
राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम हे दुख भंजन मारुति नंदन हे दुख भंजन मारुति नंदन सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारंबार पवनसुत विनती बारंबार हे दुख भंजन…
मंगलमूर्ति मारुति नंदन | Mangalmurti Maruti Nandan I HARIHARAN I Hanumanji Bhajan
जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान मंगल मूर्ति नन्दन सकल अमंगल मूल पवन संकलारी । हृदय विराज बिहारी जय जय जय बंजरंग बलि जय जय जय बंजरंग बलि जय जय जय बंजरंग बलि महावीर हनुमान गोसाई महावीर हनुमान गोसाई तुमरी याद भली जय जय जय बंजरंग बलि जय जय जय बंजरंग बलि…
Chapter 5 – four ways to dissolution | आत्मा में विलीन होने का मार्ग
पांचवी अध्याय में ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को आत्मज्ञान की अंतिम अवस्था का रहस्य बताते हैं इस अध्याय का मुख्य विषय है लय अर्थात मन अहंकार और देहाभिमान का आत्मा में विलीन हो जाना हैं की मुक्ति कोई ऐसी वस्तु नहीं जिसे भविष्य में प्राप्त करना हो आत्मा तो पहले से ही मुक्ति शुद्ध और…
Chapter 4 Glorification of self realization | आत्म ज्ञान कि महिमा
अष्टावक्र गीता का चौथा अध्याय glorification of self realization आत्मज्ञान की महिमा आत्म ज्ञान व्यक्ति की अद्भुत अवस्था का वर्णन करता है यहां राजा जनक आश्चर्यचकित होकर बताते हैं कि जिसने अपने वास्तविक स्वरूप को जान लिया है उसका जीवन सामान्य मनुष्य से कितना भिन्न हो जाता है । आत्मज्ञान का अर्थ केवल शास्त्र पढ़…
Success or failure: आपकी सबसे बड़ी शिक्षक | life changing skills
मेरी सफलता की कहानी वास्तव में मेरी असफलताओं की कहानी है। जीवन में जितनी भी गलतियाँ मैंने बार-बार कीं, जितनी बार मैं गिरा, ठोकर खाई और निराश हुआ, वही मेरी सबसे बड़ी सीख बन गईं। असफलता कभी भी केवल हार नहीं होती, बल्कि वह एक दर्पण होती है जो हमें हमारी कमियाँ, हमारी कमजोरियाँ और…
Day 3 – अपने शरीर को मजबूत बनाओ, क्योंकि कमजोर शरीर महान लक्ष्य नहीं उठा सकता
6 Month Challenge के तीसरे दिन का नियम है — प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट अपने शरीर के लिए निकालो। चाहे योग हो, दौड़ हो, सूर्य नमस्कार हो, जिम हो या साधारण व्यायाम, लेकिन शरीर को प्रतिदिन सक्रिय रखना आवश्यक है। बहुत से लोग जीवन में बड़े सपने देखते हैं, लेकिन अपने शरीर की…
भगवान शिव स्त्रोत
View this post on Instagram जय मनभावन, जय अतिपावन, शोक नशावन शिवशंभो विपद विदारन, अधम उबारन, सत्य सनातन शिवशंभो सहज वचनहर, जलज नयनवर, धवल-वरन-तन शिवशंभो, मदन-कदन-कर पाप-हरण-हर, चरण मनन, धन शिवशंभो विवसन, विश्वरूप, प्रलयंकर, जग के मूलाधार हरे, पार्वती पति हर हर शम्भो, पाहि पाहि दातार हरे
भगवान शिव के 12 नामों का स्मरण (शिवाष्टक)
View this post on Instagram जय रामेश्वर, जय नागेश्वर वैद्यनाथ, केदार हरे, मल्लिकार्जुन, सोमनाथ, जय, महाकाल ओंकार हरे, त्र्यम्बकेश्वर, जय घुश्मेश्वर भीमेश्वर जगतार हरे, काशी-पति, श्री विश्वनाथ जय मंगलमय अघहार हरे, नील-कण्ठ जय, भूतनाथ जय, मृत्युंजय अविकार हरे। पार्वती पति हर-हर शम्भो, पाहि पाहि दातार हरे ।।
Day 2 : अपनी सुबह बदलो अपनी ज़िदगी बदलो
यदि तुम अपने जीवन में केवल एक परिवर्तन कर सको, तो वह अपनी सुबह को बदलने का होना चाहिए। दुनिया के अधिकांश सफल, अनुशासित और प्रभावशाली लोगों में एक समान आदत पाई जाती है — वे अपनी सुबह को व्यर्थ नहीं जाने देते। सुबह केवल दिन का पहला भाग नहीं है, बल्कि यह पूरे दिन…
Day 1: अनुशासन की शुरुआत – अपनी नींद पर विजय पाओ
” जीवन में एक नियम का पालन अवश्य होना चाहिए: समय पर उठना और समय पर सोना‘” किसी भी महान परिवर्तन की शुरुआत किसी बड़े कार्य से नहीं होती, बल्कि एक छोटे और स्थिर नियम से होती है। यदि जीवन में केवल एक नियम अपनाना हो, तो वह है समय पर सोना और समय पर…
जगन्नाथ, जगन्नाथ, चक्का नैन, चक्का नैन, नीलांचल वारे, bhajan lyrics
।। श्री जगन्नाथ वंदना ।। जगन्नाथ, जगन्नाथ, चक्का नैन, चक्का नैन, नीलांचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले, मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले जगन्नाथ, जगन्नाथ.. तुझे छोड़ जाऊँ अब मैं किसके द्वारे, जगन्नाथ स्वामी मेरे आँखों के तारे, मेरे सारे काज स्वामी आप…
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, marwadi desi bhajan lyrics
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन घोर अंधेरा जी बिना दीपक मन्दिरियो सूनो, अब नहीं वस्तु का बेरा हो जी ॥ * जब तक कन्या रेवे कंबारी, नहीं पुरुष का बेरा जी । आठों पहर आवस में खेले, अब खेले खेल घणेरा हो जी । गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन…
थारा देवल में बाजा रे बाजे.. marwari maa bhajan lyrics
थारा देवल में बाजा रे बाजे, दिवला री जोत जगाई ऐ माँ, आव आव मारी ईडाणा माँ, अति कटे देर लगाई है माँ रमता रे रमता रमता रमता हे रमता रमता आव माताजी कई देर लगई मा ओ देर लगई हो देर लगई देर लगई मां देर लगई जी शीश पे थारे रखड़ी सोवे, नाका…
वायक आया गुरुदेव रा….. मारवाड़ी भजन lyrics
दोहा : जमले माँहि जावणो, जागे रावळमाल । रूपां गुरु से अरज करे, गुरु म्हारे सामी भाळ । थाई वायक आया गुरु देव रा ए रूपों बाई जमले पधारो रे ।। हाँ ।। केम करे ने गुरु आवो रे ओ नगरो रावळमाल जागे रे। निदरा मंगावो सारा शहर री रे ढोलिये सांपड़ला पोढावो रे ।।…
