रंग लागो रे, माने कोड़ लागो, माने जाणो रुणीचे वाले धाम । रामापीर भजन लिरिक्स
दोहा:- धिन धिन धोरा धरती ने, पड़ियो समंद में सीप । कलयुग में पर्चा दिया, जय हो रामा पीर ।। रंग लागो रे, माने कोड़ लागो, माने जाणो रुणीचे वाले…
दोहा:- धिन धिन धोरा धरती ने, पड़ियो समंद में सीप । कलयुग में पर्चा दिया, जय हो रामा पीर ।। रंग लागो रे, माने कोड़ लागो, माने जाणो रुणीचे वाले…
हलों दीवाना यूं कई बैठा, आगे तो मौज मजा की है , साचा गुरु रा साचा चेला, झूठो ने माया खा गई हैं हो जी । सतगुरु दाता सैन बताई,…
संत हमारे सिरधणी, मैं संतन की देह । राम रोम में रम रया, प्रभु ज्यूं बादल में मेह ॥ एकण वार आईजों, सतगुरु बारम्बार आईजों धिनगुरुसा म्हारे देश में ओ…
अरे साँवरा गेरी करुला मनवार, म्हारे घर आवो रे । ए आवो आवो म्हारा नन्द जी रा लाल गाया राक म्वाल, म्हारे घर आवो रे ॥ अरे साँवरा गेरी करूला…
🔥 कभी-कभी पीछे मुड़कर देखने पर समझ आता है कि हमारी जिंदगी में सबसे बड़ी समस्या परिस्थितियाँ नहीं थीं, बल्कि हमारी आदतें थीं। हम जानते थे कि हमें क्या करना…
🔥 ब्रह्मचर्य केवल शरीर पर नियंत्रण का नाम नहीं है, बल्कि अपने मन, समय, दृष्टि और ऊर्जा पर नियंत्रण रखना भी है। और इस नियंत्रण की शुरुआत सुबह आँख खुलते…
” ब्रह्मचर्य में मौन केवल चुप रहना नहीं, बल्कि ऊर्जा को भीतर स्थिर करना है। अनावश्यक बोलना मानसिक शक्ति को बिखेर देता है। जब व्यक्ति सीमित और सार्थक शब्दों में…
पन्द्रहवें प्रकरण में अष्टावक्र मुनि जनक को बार-बार उसी सत्य की ओर ले जाते हैं, लेकिन इस बार बात केवल किसी साधना, कर्म, पूजा या बाहरी परिवर्तन की नहीं है।…
जिस वातावरण में आप रहते हैं, और जिन लोगों से आप घिरे होते हैं, वे आपके ब्रह्मचर्य की शक्ति को या तो बढ़ा सकते हैं या पूरी तरह नष्ट कर…
🔥 “मन पर विजय — स्वयं पर विजय” आज सितंबर 2026 से तुम्हारा September Brahmacharya Challenge शुरू हो रहा है। यह सिर्फ 30 दिनों तक कुछ नियम निभाने का लक्ष्य…
मृदुल भाषिणी राधा ! राधा !! सौंदर्य राषिणी राधा ! राधा !!परम् पुनीता राधा ! राधा !! नित्य नवनीता राधा ! राधा !! रास विलासिनी राधा ! राधा !! दिव्य…
जब ज़िद पे आ गई पार्वती पार्वतीं, पार्वती समझान े पहुँच े सप्तऋष ि सप्तऋषि, सप्तऋष ि काय जिद कर रही काय को मर रही काय जिद कर रही काय…
“hare Krishna hare Krishna Krishna Krishna hare hare Hare Rama hare Rama Rama Rama hare hare ” “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम…
🕉️ “रसाद्रक्तं ततो मांसं मांसान्मेदः प्रजायते। मेदसोऽस्थि ततो मज्जा मज्जायाः शुक्रसम्भवः॥” अर्थ: आयुर्वेद के इस श्लोक में शरीर में पोषण की क्रमिक प्रक्रिया को समझाया गया है—आहार से रस, रस…
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥ आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ॥ नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥ * ब्रज में…
अष्टावक्र गीता का 14वां प्रखंडप्रकरण बहुत सूक्ष्म है । यहां जनक केवल यह नहीं बता रहे हैं कि ज्ञानि कैसे व्यवहार करता है , बल्कि वह उसे अंतिम आंतरिक अवस्था…
ब्रह्मचर्य क्या है? ईश्वर चिंतन । वेद अध्ययन । ज्ञान उपार्जन । वीर्य रक्षण । ब्रह्मचर्य शब्द का उच्चारण करते ही चारों भावों का स्मरण होना चाहिए। – ईश्वर चिंतन…