दर्शण देता जाइजो जी, सतगुरु मिळता जाइजो जी। ! मारवाड़ी गुरु वंदना भजन lyrics
दर्शण देता जाइजो जी, सतगुरु मिळता जाइजो जी । म्हारे पीवरिया री बातां थोड़ी म्हने, केहता जाइजो जी । सोने […]
दर्शण देता जाइजो जी, सतगुरु मिळता जाइजो जी । म्हारे पीवरिया री बातां थोड़ी म्हने, केहता जाइजो जी । सोने […]
अष्टावक्र गीता के सातवें अध्याय में राजा जनक अपने आत्मानुभव को व्यक्त कर रहे हैं। अब वे केवल शास्त्रों की
इस अध्याय में वक्ता बदल जाते हैं । अब ऋषि अष्टावक्र नहीं बल्कि आत्मा ज्ञान प्राप्त कर चुके राजा जनक
राम गयो वनवास, म्हारो लखन गयो वनवास, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे बादल
राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम
जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान मंगल मूर्ति नन्दन सकल अमंगल मूल पवन संकलारी । हृदय विराज
पांचवी अध्याय में ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को आत्मज्ञान की अंतिम अवस्था का रहस्य बताते हैं इस अध्याय का मुख्य
अष्टावक्र गीता का चौथा अध्याय glorification of self realization आत्मज्ञान की महिमा आत्म ज्ञान व्यक्ति की अद्भुत अवस्था का वर्णन
मेरी सफलता की कहानी वास्तव में मेरी असफलताओं की कहानी है। जीवन में जितनी भी गलतियाँ मैंने बार-बार कीं, जितनी
6 Month Challenge के तीसरे दिन का नियम है — प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट अपने शरीर के लिए
View this post on Instagram जय मनभावन, जय अतिपावन, शोक नशावन शिवशंभो विपद विदारन, अधम उबारन, सत्य सनातन शिवशंभो सहज
View this post on Instagram जय रामेश्वर, जय नागेश्वर वैद्यनाथ, केदार हरे, मल्लिकार्जुन, सोमनाथ, जय, महाकाल ओंकार हरे, त्र्यम्बकेश्वर, जय
यदि तुम अपने जीवन में केवल एक परिवर्तन कर सको, तो वह अपनी सुबह को बदलने का होना चाहिए। दुनिया
” जीवन में एक नियम का पालन अवश्य होना चाहिए: समय पर उठना और समय पर सोना‘” किसी भी महान
।। श्री जगन्नाथ वंदना ।। जगन्नाथ, जगन्नाथ, चक्का नैन, चक्का नैन, नीलांचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन घोर अंधेरा जी बिना दीपक मन्दिरियो सूनो, अब नहीं वस्तु का बेरा
थारा देवल में बाजा रे बाजे, दिवला री जोत जगाई ऐ माँ, आव आव मारी ईडाणा माँ, अति कटे देर