11 days challenge transformation your habit | day 0 बस देखो , अनुमति मत दो
आज कोई बड़ा परिवर्तन करने का दिन नहीं है आज केवल एक बात समझने का दिन है कि “मन तुम्हारा मालिक नहीं है वह केवल एक उपकरण है” अक्सर हम…
आज कोई बड़ा परिवर्तन करने का दिन नहीं है आज केवल एक बात समझने का दिन है कि “मन तुम्हारा मालिक नहीं है वह केवल एक उपकरण है” अक्सर हम…
अष्टावक्र गीता का नया अध्याय साधक को जीवन के सबसे गहरी भ्रमों से बाहर निकलने का प्रयास करता है । इस अध्याय में अष्टावक्र जनक को बताते हैं कि संसार…
खुद को जानने के बाद इंसान बोलना क्यों छोड़ देता है? हम पूरी जिंदगी बोलते रहते हैं। अपने बारे में, दूसरों के बारे में, अपने दुख, अपनी इच्छाएं, अपने विचार।…
आज का चैलेंज है कि पूरा दिन बिना शिकायत किया बिताना । सुनने में यह बहुत आसान लगता है लेकिन वास्तव में यह मन को जीतने की एक बड़ी साधना…
“आज काम से कम 10 पेज किसी अच्छी पुस्तक के पढ़ो और एक महत्वपूर्ण सिख अपनी डायरी मेंलिखो “ आज का चैलेंज है प्रतिदिन कम से कम 10 पेज पढ़ना…
कभी ध्यान दिया है कि हम अपना अधिकांश जीवन उन चीजों को बदलने की कोशिश में बिताते हैं जो हमारे नियंत्रण में ही नहीं है ? हम चाहते हैं कि…
अष्टावक्र गीता का आठवां अध्याय अत्यंत सक्षिप्त हैं परंतु इसके चार श्लोक संपूर्ण आध्यात्मिक जीवन का सर समेटे हुए हैं । यहां अष्टावक्र बंधन और मोक्ष की ऐसी परिभाषा देते…
वेदांत और योग के अनुसार मनुष्य केवल शरीर नहीं है। हमारे भीतर कई स्तर काम करते हैं—मन, चित्त, अहंकार, बुद्धि, इंद्रियाँ, प्रवृत्ति और निवृत्ति। इन सबको समझ लेना आत्मज्ञान की…
दर्शण देता जाइजो जी, सतगुरु मिळता जाइजो जी । म्हारे पीवरिया री बातां थोड़ी म्हने, केहता जाइजो जी । सोने जेड़ी पीली पड़ गई, दुनियाँ बतावे रोग । रोग दोग…
अष्टावक्र गीता के सातवें अध्याय में राजा जनक अपने आत्मानुभव को व्यक्त कर रहे हैं। अब वे केवल शास्त्रों की बातें नहीं कर रहे, बल्कि उस सत्य को बोल रहे…
इस अध्याय में वक्ता बदल जाते हैं । अब ऋषि अष्टावक्र नहीं बल्कि आत्मा ज्ञान प्राप्त कर चुके राजा जनक अपने अनुभव को व्यक्त कर रहे हैं पिछले अध्ययनों में…
राम गयो वनवास, म्हारो लखन गयो वनवास, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे, चंदा छुप जा रे बादल में, म्हारो राम गयो वनवास ।। राम बिना मारी सुनी…
राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम राम राम श्री राम राम श्री राम राम श्री राम राम राम श्री राम श्री राम राम राम श्री राम…
जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान जय श्री हनुमान मंगल मूर्ति नन्दन सकल अमंगल मूल पवन संकलारी । हृदय विराज बिहारी जय जय जय बंजरंग बलि जय जय जय बंजरंग…
पांचवी अध्याय में ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को आत्मज्ञान की अंतिम अवस्था का रहस्य बताते हैं इस अध्याय का मुख्य विषय है लय अर्थात मन अहंकार और देहाभिमान का आत्मा…
अष्टावक्र गीता का चौथा अध्याय glorification of self realization आत्मज्ञान की महिमा आत्म ज्ञान व्यक्ति की अद्भुत अवस्था का वर्णन करता है यहां राजा जनक आश्चर्यचकित होकर बताते हैं कि…
मेरी सफलता की कहानी वास्तव में मेरी असफलताओं की कहानी है। जीवन में जितनी भी गलतियाँ मैंने बार-बार कीं, जितनी बार मैं गिरा, ठोकर खाई और निराश हुआ, वही मेरी…