साहसी बनो : जीवन के तूफानों से भागो नहीं , उनका सामना करो| looser to winner
साहसी बनो: जीवन के तूफ़ानों से भागो नहीं, उनका सामना करो एक बार एक व्यक्ति ने अपनी ज़िंदगी को पीछे मुड़कर देखा तो उसे महसूस हुआ कि उसकी सबसे बड़ी…
साहसी बनो: जीवन के तूफ़ानों से भागो नहीं, उनका सामना करो एक बार एक व्यक्ति ने अपनी ज़िंदगी को पीछे मुड़कर देखा तो उसे महसूस हुआ कि उसकी सबसे बड़ी…
शंभूशिव शंभूभोलेनाथ जब ज़िद पे आ गई पार्वतीजब ज़िद पे आ गई पार्वतीसमझाने पहुँचे सप्तऋषिसप्तऋषिसप्तऋषिकाहे ज़िद कर रहीकाहे घुमर रहीकाहे ज़िद कर रहीकाहे घुमर रहीऐसे वर के लानेकाहे ज़िद कर…
हर हर महादेवशिव शंभू शंभू शंभू शंभूशंभू शंभू शंभूशिव शंभू शंभू शंभू शंभूशंभू शंभू शंभू शिव तुम्हारे अंदर शिव इसलिए तुमने शिव को देख लिया चलो शिव शंभु तुम्हारे अंदर…
प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था में आचार्य केवल विषय पढ़ने वाला शिक्षक नहीं थे स्वयं एक जीवित आदर्श था वेद का संदेश है कि आचार्य ब्रह्मचारी अर्थात आचार्य को ब्रह्मचर्य के…
पिछले भाग में हमने सीखा की समस्या आते ही घबराना नहीं है , बल्कि अपने दृष्टिकोण को बदलना है । लेकिन अब सवाल यह है – अगर समस्या सचमुच बहुत…
* समस्या को अवसर की तरह देखना कल्पना कीजिए एक ऐसे व्यक्ति की, जिसकी उम्र लगभग 90 वर्ष है। जीवन में उसने सफलता भी देखी है, असफलता भी, धन भी…
भोले बाबा तेरी क्या ही बात है भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है दूर होके भी तू साथ हैं हो दूर होकर भी तू साथ हैं खुद को मैं…
वेदों में ब्रह्मचर्य को केवल व्यक्तिगत नियम नहीं बल्कि ओज , तेज ,आत्म बल , साहस और दीर्घकालिक पुरुषार्थ से जोड़ा गया है । अथर्ववेद का एक मंत्र कहता है…
प्राचीन भारत में राजा को केवल सिंहासन पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं माना जाता था । राजा को पूरे राष्ट्र के चरित्र का प्रतिनिधि समझा जाता था । उसके निर्णय…
घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे बाबा रामदेव जी ने संग में लावे जी, घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे । घोड़ो म्हारो टप टप पोड़ बजावे, यो तो घुघरिया…
ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल शरीर का अनुशासन नहीं माना , बल्कि संपूर्ण जीवन का विज्ञान कहा है । उनके लिए ब्रह्मचर्य का अर्थ था – विचारों की पवित्रता ,…
राष्ट्रभक्ति ले हृदय में हो खडा यदि देश सारा संकटो पर मात कर यह राष्ट्र विजयी हो हमारा ॥ क्या कभी किसने सुना है सूर्य छिपता तिमिर भय से क्या…
॥ जय भारती ॥ ॥ जय भारती ॥ जय भारती जय भारती जय भारती जय भारती स्वर्ग ने थी जिस तपोवन की उतारी आरती ॥ ज्ञान-रवी-किरणें जहाँ फूटीं प्रथम विस्तृत…
भारत म्हारो देश भारत म्हारो देश फूट वेश कि धन धन भारती बोलो जय जयकार ऊतारो आरती, ओ ऊतारो आरती…………… सोना उगले थरती अम्बर मोतीडा बरसावे रे मुलकै सूरज चांद…
हे जन्म भूमि भारत हे कर्म भूमि भारत हे जन्म भूमि भारत, हे कर्म भूमि भारत हे वंदनीय भारत, अभिनंदनीय भारत !! जीवन सुमन चढ़ाकर आराधना करेंगे तेरी जनम जनम…
अरे राम राम रे भाया राम राम रे, हे म्हारी बोली चाली रा गुणा माफ, भायो ने म्हारा राम राम रे ॥ हे कटे बेवाडू डोडा ऐल जी रे, भाया…
कैलाशनाथसदा साथ है उमापतिहे उमापतिआदि अनंत सर्वसंत है उमापतिजपो उमापतिजोगी भेष है महेश संग महासतीजोगी भेष है महेश संग महा सतीमौन सब जगतमें गूंज ओमकार की हे उमापतिहे उमापतिहे उमापतिहे…