सत री संगत में कदी नी आयो , माला रो मणियों भजन वाली डोरी भजन लिरिक्स
राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण । कभी तो दीनदयाल के, भनक पड़ेगी कान । माला रो मणियो, भजन वाली डोरी । आछा घरा में पोयो जमारो,…
राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण । कभी तो दीनदयाल के, भनक पड़ेगी कान । माला रो मणियो, भजन वाली डोरी । आछा घरा में पोयो जमारो,…
आई माता ऐं मारी जोगमाया, आई माता ऐं मारी जोगमाया, थारे लुल लुल लागू पाव, मारी जोगमाया ।। बिलाड़े बनीयो ऐं माता देवरो, घणो सुवानो थारो सेवरो, थारी ध्वजा फरुके…
आज 29 सितंबर 2026 है, और मेरे 6 महीने के ब्रह्मचर्य चैलेंज के लगभाग 3 महीने बीत चुके हैं। जब मैंने चुनौती की शुरूआत की थी, तब मेरे मन में…
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो, धरती सूनी भये पांडु रे बिना । धरणी रो तेज सूरज बिना सुणो, रण सुणी एकचंद रे बिना, रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,…
करमा में लिखयोडो मिले बाटो राम थारी नगरी में काई धाटो । कोई ने मिले भाई लाडू और पेड़ा। कोई ने मिले बाजरी आटो। राम थारी नगरी में काई धाटो…
दोहा:- धिन धिन धोरा धरती ने, पड़ियो समंद में सीप । कलयुग में पर्चा दिया, जय हो रामा पीर ।। रंग लागो रे, माने कोड़ लागो, माने जाणो रुणीचे वाले…
हलों दीवाना यूं कई बैठा, आगे तो मौज मजा की है , साचा गुरु रा साचा चेला, झूठो ने माया खा गई हैं हो जी । सतगुरु दाता सैन बताई,…
संत हमारे सिरधणी, मैं संतन की देह । राम रोम में रम रया, प्रभु ज्यूं बादल में मेह ॥ एकण वार आईजों, सतगुरु बारम्बार आईजों धिनगुरुसा म्हारे देश में ओ…
अरे साँवरा गेरी करुला मनवार, म्हारे घर आवो रे । ए आवो आवो म्हारा नन्द जी रा लाल गाया राक म्वाल, म्हारे घर आवो रे ॥ अरे साँवरा गेरी करूला…
🔥 ब्रह्मचर्य केवल शरीर पर नियंत्रण का नाम नहीं है, बल्कि अपने मन, समय, दृष्टि और ऊर्जा पर नियंत्रण रखना भी है। और इस नियंत्रण की शुरुआत सुबह आँख खुलते…
जिस वातावरण में आप रहते हैं, और जिन लोगों से आप घिरे होते हैं, वे आपके ब्रह्मचर्य की शक्ति को या तो बढ़ा सकते हैं या पूरी तरह नष्ट कर…
🔥 “मन पर विजय — स्वयं पर विजय” आज सितंबर 2026 से तुम्हारा September Brahmacharya Challenge शुरू हो रहा है। यह सिर्फ 30 दिनों तक कुछ नियम निभाने का लक्ष्य…
🕉️ “रसाद्रक्तं ततो मांसं मांसान्मेदः प्रजायते। मेदसोऽस्थि ततो मज्जा मज्जायाः शुक्रसम्भवः॥” अर्थ: आयुर्वेद के इस श्लोक में शरीर में पोषण की क्रमिक प्रक्रिया को समझाया गया है—आहार से रस, रस…
ब्रह्मचर्य क्या है? ईश्वर चिंतन । वेद अध्ययन । ज्ञान उपार्जन । वीर्य रक्षण । ब्रह्मचर्य शब्द का उच्चारण करते ही चारों भावों का स्मरण होना चाहिए। – ईश्वर चिंतन…
प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था में आचार्य केवल विषय पढ़ने वाला शिक्षक नहीं थे स्वयं एक जीवित आदर्श था वेद का संदेश है कि आचार्य ब्रह्मचारी अर्थात आचार्य को ब्रह्मचर्य के…
वेदों में ब्रह्मचर्य को केवल व्यक्तिगत नियम नहीं बल्कि ओज , तेज ,आत्म बल , साहस और दीर्घकालिक पुरुषार्थ से जोड़ा गया है । अथर्ववेद का एक मंत्र कहता है…
प्राचीन भारत में राजा को केवल सिंहासन पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं माना जाता था । राजा को पूरे राष्ट्र के चरित्र का प्रतिनिधि समझा जाता था । उसके निर्णय…