ब्रह्मचर्य: चरित्र, ज्ञान और आत्मबल की ज्योति | 36/180 Days challenge transformation yourself
ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल शरीर का अनुशासन नहीं माना , बल्कि संपूर्ण जीवन का विज्ञान कहा है । उनके लिए ब्रह्मचर्य का अर्थ था – विचारों की पवित्रता ,…
ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल शरीर का अनुशासन नहीं माना , बल्कि संपूर्ण जीवन का विज्ञान कहा है । उनके लिए ब्रह्मचर्य का अर्थ था – विचारों की पवित्रता ,…
” ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमपाघ्नत | “ ” वैदिक ऋषियों ने ब्रह्मचर्य को केवल एक नियम नहीं बल्कि ऐसी साधना माना है जो मनुष्य को आत्मबल धैर्य और उच्च जीवन…
” मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः।” मनुष्य के बंधन और मुक्ति दोनों का कारण मन ही है । मन जिस दिशा में जाता है धीरे-धीरे जीवन भी इस दिशा में…
ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युमुपाघ्नत।ब्रह्मचर्येण ऋषयः सत्यं ब्रह्म च लेभिरे॥
” न तपस्तप इत्याहुर्ब्रह्मचर्यं तपोत्तमम्। ऊर्ध्वरेता भवेद्यस्तु स देवो न तु मानुषः॥ “ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में ब्रह्मचर्य को सर्वोच्च तप कहा गया है । इसका आशय केवल इंद्रिय संयम…
“मूकं करोति वाचालं पङ्गुं लङ्घयते गिरिम्।यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्॥ भगवान की कृपा से गूँगा भी वाणी का धनी बन सकता है और लंगड़ा भी पर्वत लांघ सकता है ।…
एकोऽहं असहायोऽहं कृशोऽहं अपरिच्छदः।स्वप्नेप्येवंविधा चिन्ता मृगेन्द्रस्य न जायते॥ “सिंह कभी यह नहीं सोचता कि वह अकेला है , उसके पास साधन कम है या कोई इसका सहारा नहीं है ।…
दर्शण देता जाइजो जी, सतगुरु मिळता जाइजो जी । म्हारे पीवरिया री बातां थोड़ी म्हने, केहता जाइजो जी । सोने जेड़ी पीली पड़ गई, दुनियाँ बतावे रोग । रोग दोग…
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन घोर अंधेरा जी बिना दीपक मन्दिरियो सूनो, अब नहीं वस्तु का बेरा हो जी ॥ * जब तक कन्या रेवे कंबारी, नहीं…
थारा देवल में बाजा रे बाजे, दिवला री जोत जगाई ऐ माँ, आव आव मारी ईडाणा माँ, अति कटे देर लगाई है माँ रमता रे रमता रमता रमता हे रमता…
दोहा : जमले माँहि जावणो, जागे रावळमाल । रूपां गुरु से अरज करे, गुरु म्हारे सामी भाळ । थाई वायक आया गुरु देव रा ए रूपों बाई जमले पधारो रे…
म्हारो संदेशों म्हारा , गुरुजी ने दीजो रे , सेवक ने चरणा में लिजो रे म्हारो संदेशों म्हारा , गुरुजी ने दीजो रे , काया रो देवल , म्हाने लागे…
आज म्हारे कानुड़ा रे कांई होयो आज म्हारे कानुड़ा रे कांई होयो, किनरी निजरा लागी रे, किनरी निजरा लागी रे, आज म्हारे कानुड़ा रे कांई होयो ।। अरे लून करानवु…
!! काया ने सिणगार कोर्यालियाँ ! काया ने सिणगार कोयलियाँ, पर मण्डली मत जाइजो ए । पर मण्डलीरा नहींर भरोसा, अध बिच में रूळ जावोए । काया ने सिणगार कोयलियाँ,…
गुरु ज्ञानी आया पांवणा हालो रे संतो देवरे, गुरु जम्मो जोवण हालां । एक ऊँचो सिंहासन राम रो, शरणां में शीश नवाया । गुरु ज्ञानी आया पांवणा, केड़ी – केड़ी…
रंग रंग रा फूल खिलेला रंग रंग रा फूल खिलेला थारो अजब बाग बन जाई, थारो लाल बाग बन जाई। रंग रंग रा फूल खिलेला । छत्र चार चौरासी री…
खम्मा खम्मा ओ रामा, रुणीचे रा , थान ले तो ध्यावे आखो मारवाड़ जी, हो… आखो मारवाड़ जी, आंखो गुजरात जी, खम्मा खम्मा ओ रामा, रुणीचे रा धणियां । पिता…