रंग रंग रा फूल खिलेला
रंग रंग रा फूल खिलेला
थारो अजब बाग बन जाई,
थारो लाल बाग बन जाई।
रंग रंग रा फूल खिलेला ।
छत्र चार चौरासी री क्यारी,
ज्यारी महिमा न्यारी न्यारी।
पेडो से पेड बढ़ेला,
रंग रंग रा फूल खिलेला ।
कुओ एक बाग रे माई,
सूरा तिरप लगाई भाई।
कुआ से बाग पिये ला,
रंग रंग रा फूल खिलेला ।
बैठ मालन माला पोवे,
दिल चावे जो ले जावे ।
शिवजी रे शिश चढे ला,
रंग रंग रा फूल खिलेला
रामानंद गुरू माला दिनी,
दास कबीर सा हेत सु लिनी।
घट माई माला फिरे ला,
रंग रंग रा फूल खिलेला ।
