सत री संगत में कदी नी आयो , माला रो मणियों भजन वाली डोरी भजन लिरिक्स



राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण ।

कभी तो दीनदयाल के, भनक पड़ेगी कान ।



माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ।

आछा घरा में पोयो जमारो, माया जाल में खोयो ।

माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ॥



सत री संगत में कदी नी आयो, हरि रे भजन में कदी नी आयो ।

ऊपरवाड़ी जोयो जमारो, माया जाल में खोयो ।

माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ।



अलिये – गलिये फिरे रे भटकतो, मुंड़ो काँच में जोयो ।

जमारो माया जाल में खोयो ।

माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ।



गई रे जवानी, आयो रे बुढ़ापो,

धोला देख ने रोयो ।

जमारो माया जाल में खोयो ।

माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ॥



कहत कबीर, सुणो भई साधो,

कई संसार में मोयो ।

जमारो माया जाल में खोयो ।

माला रो मणियो, भजन वाली डोरी ।।


माला रो मणियो, भजन वाली डोरी । आछा घरा में पोयो जमारो,

माया जाल में खोयो ।

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