हलों दीवाना यूं कई बैठा,
आगे तो मौज मजा की है ,
साचा गुरु रा साचा चेला,
झूठो ने माया खा गई हैं हो जी ।
सतगुरु दाता सैन बताई,
म्हारी सुरता सुंदरी जागी है,
अनहद फेरा फरवा लागी,
आ पियस दिसा ले भागी हैं हो जी,
हलों दीवाना यूं कई बैठा,
आगे तो मौज मजा की है ।
लेकर पिया ने सुती सेज पर,
करवत लेकर जागी है,
ओम सोम दाई दौल बजावे,
अब सुरज उगण ने लागी हैं हो जी,
हलों दीवाना यूं कई बैठा,
आगे तो मौज मजा की है ।
अष्ट दादश जाकर देख्या,
त्रिलमिल ज्योति जागी है,
त्रिवेणी की घाटी लागंत,
सोम शिखर गढ़ आ गई है हो जी,
हलों दीवाना यूं कई बैठा,
आगे तो मौज मजा की है ।
सेन मी सेन बताई,
सेज से भागी से,
सोमेशर अरलक रण्यां
सोम सोमाई हो जी ।
हलों दीवाना यूं कई बैठा,
आगे तो मौज मजा की है ।
