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तू क्या त्यागना चाहता है?  मैं आत्मा हु।क्या त्याग मतलब सब छोड़ना होता है? त्याग क्या है? त्याग का वास्तविक अर्थ!

न ते सङ्गोऽस्ति केनापि कि शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि ।संघातविलयं कुर्वन्नेवमेव लयं व्रज ॥५. १ ॥ आ. गीता...

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से, बढ़े चलो बढ़े चलो – जयशंकर प्रसाद  | भारतीय देश भक्ति गीत

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से,प्रबुद्ध शुद्ध भारती।स्वयंप्रभा समुज्ज्वला,स्वतंत्रता पुकारती॥अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ प्रतिज्ञ सोच लो।प्रशस्त...