हरि हरि रे हरिया वेल,
डावे कवले चम्पा वेल ।
कोकड़ माय जाड़ बूट,
इण घर इतरा घोड़ा ऊंट ॥
इण घर इतरी गायों भैयों,
इण घर इतरी टिंगडियों।
इण घर जाया लाडल पुल,
छोटी कुलड़ी चमक चणा ॥
डावे हाथ लपुकों ले,
जीमणे हाथ चंवर ढोलाव ।
ज्यों ज्यों चम्पो लेहरों ले,
डावे हाथ लेहरियों ले ॥
सात हवाणी जणा पच्चास,
गेरीयो रो पूरो हास ।
घर धणयोंणी बारे आव
गुडरी भेली लेती आव ॥
साकलियों रो डालो लाव,
गेरीयों री आस पुराव ।
गेरिया आया थारे द्वार,
हरि हरि रे हरिया ढूंड ॥
