Day 13 धैर्य की शक्ति the power of patience | 180 days challenge transformation yourself

आज इस 180 डे चैलेंज का 13 दिन है पिछले 12 दिनों में अपने अपने शरीर मन अनुशासन और कृतिका पर कार्य किया आज आप उसे गन का अभ्यास करेंगे जो हर महान व्यक्ति के जीवन में समान रूप से पाया जाता है धैर्य patience आज का युग instant का युग है instant food instant massage instent entertainment instent fame और instent success हर व्यक्ति सब कुछ तुरंत चाहता है लेकिन प्रकृति का नियम अलग है प्रकृति कभी जल्दबाजी नहीं करती फिर भी उसका हर कार्य समय पर पूरा होता है

एक बीज को विशाल वृक्ष बनने में वर्ष लगते हैं गर्भ में पल रहे शिशु को जन्म लेटने के लिए 9 महीने चाहिए सूर्य हर दिन अपने निश्चित समय पर उगता है नदी धीरे-धीरे पहाड़ों को काटकर अपना मार्ग बनती है प्रकृति हमें हर्षण सिखाती है की बड़ी उपलब्धियां समय निरंतता और धैर्य से जन्म लेती है जो व्यक्ति अधिक हो जाता है वह अक्षर मंजिल के ठीक पहले हार मान लेता है

आज अधिकांश लोग किसी भी कार्य की शुरुआत तो उत्साह से करते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद परिणाम न मिलने पर उसे छोड़ देते हैं वे यह नहीं समझने की सफलता अचानक दिखाई देती है लेकिन उसके पीछे वर्षों का मौन परिश्रम छिपा होता है बॉस के वृक्ष का उदाहरण प्रसिद्ध है कई वर्षों तक उसकी जड़े ही विकसित होती रहती है बाहर से कुछ दिखाई नहीं देता फिर एक समय आता है जब वही बांस कुछ ही महीना में कई फीट ऊंचा हो जाता है जीवन भी ऐसा ही है यदि आज आपको परिणाम नहीं दिख रहे तो इसका अर्थ है यह नहीं की प्रगति नहीं हो रही हो सकता है आपकी जड़े मजबूत हो रही हो

धैर्य का अर्थ केवल परीक्षा करना नहीं धैर्य का अर्थ है प्रतीक्षा करते समय भी सही कर्म करते रहना जो व्यक्ति केवल इंतजार करता है वह समय गवाता है लेकिन जो व्यक्ति धैर्य रखते हुए निरंतर प्रयास करता है वही अतत विजेता बनता है धैर्य और अनुशासन जब साथ आते हैं तब असंभव लगने वाले लक्ष्य भी संभव हो जाते हैं

आज का अभ्यास है किसी भी कार्य में जल्दबाजी नहीं करनी यदि कोई आपको क्रोधित करें तो उत्तर देने से पहले 10 गहरी सांस ले यदि कोई कार्य अपेक्षा से धीमा हो रहा है तो शिकायत करने के बजाय उसे बेहतर करने का प्रयास करें यदि मन परिणाम मांगे तो स्वयं से कहे मैं प्रक्रिया पर विश्वास करता हूं

आजाद अपनी डायरी में लिखिए

आज किसी परिस्थिति में मैं धैर्य बनाए रखा

कहा मेरा मन अधीर हुआ

क्या मैं बिना परिणाम देखें अपना कार्य जारी रखा

यदि मैं अगले 180 दिनों तक धैर्य और निरंतरता बनाए रखो तो मेरा जीवन कैसा होगा

जल्दबाजी अक्षर छीन लेती है लेकिन धैर्य भाग्य का निर्माण करता है जो व्यक्ति सही समय की प्रतीक्षा करते  हुए सही कर्म करता है उसे सफलता अवश्य प्राप्त होती है

याद रखिए ईश्वर कभी देर नहीं करते वह केवल सही समय का चुनाव करते हैं आपका कर्तव्य केवल कम करना है फल अपने समय पर अवश्य मिलेगा आज धैर्य को अपना मित्र बनाइय क्योंकि जो व्यक्ति धैर्य नहीं होता वह अतत कभी हारता भी नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link