जब दुःख का साथा छाये, सीताराम गाइये
जब कष्ट भी समझ ना आए, सीताराम गाइये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइये
सीताराम ॐ।।
जब मन भारी हो जाये, सीताराम गाइये
दो दिन का ये मेला है, फिर लौट के हमें जाना है
माया का ये जाल सारा, झूठा ताना बना है
जब ये बात समझ आ जाये, सीताराम गाइये
सीताराम ।
ये अपना कहने वाले, अपने कहाँ होते हैं
मुश्किल में सबसे पहले, यही दूर होते है
जब अपने तुम्हें रुलायें, सीताराम गाइये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइये
सीताराम ।
जब मन भारी हो जाए, सीताराम गाइये
जब मन भारी हो जाए, सीताराम गाइये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइ ये
सीताराम गाइये, सीताराम गाइये
सीताराम……
