आज 180 day challenge का 15 दिन में पिछले 14 दिनों में अपने मोन अनुशासन कृतज्ञता और धैर्य आत्मनिरीक्षण जैसे गुना का अभ्यास किया आज हम उसे अदृश्य शक्ति के बारे में बात करेंगे जो बिना बताए आपके व्यक्तित्व आदतों और भविष्य को आकर देती है संगीत company/association मनुष्य केवल नहीं बदलता वह धीरे-धीरे अपने आसपास के वातावरण और जिन लोगों के साथ समय बीतता है उनके जैसा बनने लगता है इसलिए कहा गया है जैसी संगति वैसी रगति
यदि आप प्रतिदिन ऐसे लोगों के बीच रहते हैं जो समय का सम्मान नहीं करते नकारात्मक सोचते हैं अलसी में जीते हैं और हर बात में बहाने खोजते हैं तो चाहे आपकी इच्छा शक्ति कितनी भी मजबूत क्यों ना हो धीरे-धीरे उसका प्रभाव आप पर पढ़ने लगेगी दूसरी और यदि आप ऐसे लोगों के साथ रहते हैं जो अनुशासित हैं सत्य प्रिया हैं ज्ञान की खोज में लगे रहते हैं और अपने जीवन को उद्देश्य पूर्ण बनाते हैं तो उनका प्रभाव भी आपके जीवन में दिखाई देगा संगति केवल मित्रों तक सीमित नहीं रहती आज के युग में आपका मोबाइल सोशल मीडिया पुस्तक वीडियो संगीत और जिन लोगों को आप प्रतिदिन सुनते हैं ये सभी आपकी संगति है
कल्पना कीजिए कि एक स्वच्छ जल की धारा में यदि लगातार गंदा पानी डाला जाए तो कुछ समय बाद वह धारा भी दूषित हो जाएगी इस प्रकार यदि आपका मन प्रतिदिन नकारात्मक विचारों अश्लीलता क्रोध गपशप और व्यर्थ मनोरंजन से भरता रहेगा तो मन की पवित्रता नष्ट होने लगेगी लेकिन यदि इस मन में प्रतिदिन ज्ञान ध्यान अपने विचार प्रेरणादायक साहित्य और सत्संग का प्रवाह हो तो आपका चरित्र धीरे-धीरे प्रकाशमय बनने लगेगा
महापुरुषों ने हमेशा सत्संग पर बल दिया है सत्संग अर्थ केवल किसी संत के पास बैठना नहीं है जहां सत्य की चर्चा हो जहा जीवन को ऊंचा उठाने वाले विचार हो जहा चरित्र निर्माण हो जहां ईश्वर और आत्म ज्ञान की दिशा मिले वही सत्संग है एक श्रेष्ठ पुस्तक भी आपका गुरु बन सकती है एक महान विचार भी आपकी दिशा बदल सकती है एक अच्छी आदत भी आपका जीवन बदल सकती है
आज का अभ्यास है कि अपने जीवन की संगति का ईमानदारी से मूल्यांकन करें स्वयं से पूछे क्या जिन लोगों के साथ में सबसे अधिक समय बिताता था वह मुझे बेहतर बना रहे हैं या कमजोर क्या मेरा सोशल मीडिया मुझे ज्ञान दे रहा है या केवल समय नष्ट करता है क्या मैं ऐसे कंटेंट का सेवन करता हूं जो मेरे चरित्र को ऊंचा उठता है यदि उत्तर नहीं है तो आज ही परिवर्तन का निर्णय ले
आज कम से कम 30 मिनट किसी श्रेष्ठ पुस्तक का अध्ययन करें किसी आध्यात्मिक प्रवचन को सुने या किसी ऐसे व्यक्ति से बातचीत करें जो आपको प्रेषित करता हो साथ ही पूरे दिन नकारात्मक चर्चा दूसरों की निंदा और व्यर्थ विवाद से स्वयं को दूर रखें यह छोटा सा अभ्यास आपके मन को आश्चर्यजनक शांति देगा
आजाद अपने डायरी में लिखिए
मेरे पास सबसे निकट के लोगों का मेरे जीवन पर कैसा प्रभाव है
मैं प्रतिदिन किस प्रकार का डिजिटल कंटेंट देखता हूं
क्या मेरी संगति मुझे मेरे लक्ष्य के करीब ले जा रही है
आज से मैं अपनी संगति में कौन सा सकारात्मक परिवर्तन लाऊंगा
आज का मंत्र
संगति भाग्य का निर्माण करती है जिस वातावरण में आप प्रतिदिन रहते हैं धीरे-धीरे आप उसी का स्वरूप धारण कर लेते हैं इसलिए अपने मित्र अपने विचार और अपने डिजिटल वातावरण का चुनाव अत्यंत सावधानी से करें
याद रखिए आपका भविष्य केवल आपकी मेहनत से नहीं बनता बल्कि उसे वातावरण से भी बनता है जिसमें आप प्रतिदिन जीते हैं यदि आप महान बनना चाहते हैं तो महान विचारों महान पुस्तकों और महान व्यक्तियों की संगति चुने क्योंकि सही संगति व सकती है जो बिना शोर की आपके पूरे जीवन की दिशा बदल देती है
