Day 12 कृतज्ञता का अभ्यास (The Power of Gratitude) | 180 days challenge transformation yourself

कृतज्ञता: जो है, उसी में ईश्वर का आशीर्वाद देखना सीखो

आज इस 180 days challenge का बारहवां दिन है पिछले दिनों आपने शरीर मन मोन और अनुशासन पर कार्य किया आज आप उसे शक्ति का अभ्यास करेंगे जो जीवन की दिशा बदल सकती है कृतज्ञता gratitude अधिकांश लोग जीवन में जो नहीं है इस पर ध्यान देते हैं मैं बेहतर घर अधिक धन बड़ी गाड़ी ऊंचा पद या अधिक प्रसिद्ध चाहते हैं लेकिन इतिहास में वह अनमोल उपहार को भूल जाते हैं जो उन्हें पहले से प्राप्त हैं कृतज्ञता का अर्थ केवल धन्यवाद कहना नहीं है इसका वास्तविक अर्थ है हर परिस्थिति में ईश्वर की कृपा को पहचानाना

आज का मनुष्य जितना सुविधाओं से संपन्न है उतना ही भीतर से अशांत भी है कारण यह नहीं कि उसके पास काम है बल्कि यह है कि उसका ध्यान हमेशा कमी पर रहता है जब मन अभाव को देखा है तो शिकायत जन्म देती है लेकिन जब वही मां उपलब्धियां और ईश्वर की कृपा को देखा है तो संतोष शांति और आनंद स्वत प्रकट हो जाते हैं इसलिए कृतज्ञता  केवल एक भावना नहीं बल्कि देखने का एक नया दृष्टिकोण है

जरा सोचिए आज सुबह आप जागे अपने श्वास ली आपका हृदय धड़क रहा है आपके पास सोचने की क्षमता है सीखने का अवसर है भोजन उपलब्ध हैं परिवार या मित्र हैं और जीवन अभी भी आपको एक नया दिन दे रहा है क्या यह सब साधारण है नहीं संसार में करोड़ों लोगों ऐसी सुविधाओं से वंचित है जिन्हें हम सामान्य मान लेते हैं इसलिए जो व्यक्ति छोटी-छोटी कृपाओ को पहचानना सीख जाता है वही वास्तविक संबंधी  का अनुभव करता है

कृतज्ञता का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि यह मन को वर्तमान क्षण में ले आती है शिकायत हमें अतीत या भविष्य में भटकती है जबकि कृतज्ञता हमें वर्तमान की सुंदरता दिखती है जब आप वर्तमान को स्वीकार करते हैं तभी भविष्य को बेहतर बनाने की शक्ति भी आपके भीतर उत्पन्न होती है जो व्यक्ति हर परिस्थिति में सिख देखता है वह कभी पराजित नहीं होता

आज का अभ्यास अत्यंत सरल है लेकिन यदि इसे प्रतिदिन किया जाए तो जीवन बदल सकते हैं आज अपनी डायरी में कम से कम 10 ऐसी चीज लिखें जिनके लिए आप ईश्वर के प्रति कृतज्ञ हैं वह बड़ी उपलब्धियां नहीं बल्कि साधारण बातें भी हो सकती हैं आपकी स्वास्थ्य आपका शरीर माता-पिता गुरु भोजन जल सूर्य प्रगति सीखने का अवसर या यह जीवन जब आप देखेंगे तो आपका मन धीरे-धीरे अभाव  से समदी ओर बढ़ने लगेगा

आज पूरे दिन एक और अभ्यास करें किसी भी व्यक्ति से मिले तो मन ही मन उसके लिए शुभकामनाएं करें जिसने आपकी सहायता की है उसे धन्यवाद करें जिसने आपकी कठिनाई दी है उसे भी मन ही मन धन्यवाद दे क्योंकि उसने आपको धैर्य सम और आत्मबल सिखाया है जीवन का हर अनुभव किसी न किसी रूप में आपका शिक्षक है

यह देखिए कृतज्ञ का अर्थ यह नहीं कि आप अपने सपनों को छोड़ दें इसका अर्थ यह है कि आप वर्तमान का सम्मान करते हुए भविष्य का निर्माण करें जो व्यक्ति आज के आशीर्वाद को नहीं देख सकता वह कल की सफलता का भी आनंद नहीं ले पाएगा इसलिए पहले धन्यवाद देना सीखिए फिर और अधिक पानी की इच्छा रखीए

आज रात सोने से पहले अपनी डायरी में लिखिए

आज मैं किन 10 बातों के लिए कृतज्ञ

क्या मैं पूरे दिन शिकायत कम की

किसी व्यक्ति के प्रति में धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूं

आज तिथि का ने मेरे मन को कैसे बदला

आज का मंत्र

जिसकी हृदय में कृतज्ञता होती है उसके जीवन में शिकायत के लिए स्थान नहीं बचता जो ईश्वर के दिए हुए का सम्मान करता है ईश्वर उसे और अधिक देने योग्य बना देता है । ”

याद रखिए की सुख अधिक पाने में नहीं बल्कि जो मिला है उसकी महत्वता समझ में है।  कृतज्ञता मन को शांत करती है , संबंधों को मधुर बनती है ,  आत्मा को विनम्र बनती है और जीवन में आनंद का द्वार खोल देती है । उसे हर सुबह धन्यवाद के साथ शुरू करें और हर रात धन्यवाद के साथ समाप्त करें । धीरे-धीरे आप पाएंगे कि आपका पूरा जीवन बदलने लगा है ।

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