Day 11 अनुशासन: सफलता का वास्तविक आधार। | 180 days challenge transformation yourself

आज 180 day challenge का 11 दिन है आज का विषय है अनुशासन discipline अधिकांश लोग जीवन बदलने के लिए प्रेरणा motivation का इंतजार करते रहते हैं यह सोचते हैं कि जब मन करेगा तब व्यायाम करेंगे जब उत्साह आएगा तब पढ़ाई करेंगे जब सही समय आएगा तब अपने सपनों पर काम करेंगे लेकिन सच्चाई यह है की प्रेरणा एक भावना है जबकि अनुशासन एक निर्णय है भावना हर दिन बदलती हैं लेकिन निर्णय आपके भविष्य का निर्माण करता है

यदि आप केवल प्रेरणा के भरोसे जीते हैं तो आपका जीवन भी मौसम की तरह बदलता रहेगा किसी दिन ऊर्जा होगी किसी दिन आलस्य होगा किसी दिन लक्ष्य याद रहेगा किसी दिन बहाने मिल जाएंगे लेकिन जो व्यक्ति अनुशासन को अपना लेता है वह अपने मन  का गुलाम नहीं रहता वह जानता है की महान कार्य मन होने पर नहीं बल्कि मन न होने पर भी किए जाते हैं यही अंतर साधारण और असाधारण लोगों के बीच होता है

सोचिए क्या सूर्य हर सुबह प्रेरित होकर निकलता है क्या पृथ्वी प्रेरणा के अनुसार घूमती हैं क्या नदी केवल मन होने पर बहती है नहीं प्रकृति का हर नियम अनुशासन पर चलता है इसी कारण उसमें स्थिरता है संतुलन है और निरंतर है यदि आप भी जीवन में स्थाई सफलता चाहते हैं तो आपको प्रेरणा नहीं बल्कि प्रकृति जैसा अनुशासन अपनाना होगा

आज का अभ्यास है कि अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना किसी बहाने के पूरा करें चाहे मन करे या न करें चाहे मौसम कैसा भी हो चाहे मूड अच्छा हो या खराब आज का कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए जब आप अपने  मन से ऊपर उठकर काम करते हैं तभी आपका चरित्र मजबूत बनता है हर बार जब आप आलसियों पर विजय प्राप्त करते हैं तब आपका आत्मविश्वास पहले से अधिक बढ़ जाता है

अनुशासन का अर्थ कठोर जीवन जीना नहीं है इसका अर्थ है कि आप अपने लक्ष्य को अपनी क्षणिक इच्छाओं से अधिक महत्व दे 5 मिनट का आलसय आपको तत्काल आराम दे सकता है लेकिन वही 5 मिनट यदि प्रतिदिन दोहरा जाए तो वर्षों बाद भाई आपके अधूरे सपनों का कारण बन जाते हैं दूसरी और प्रतिदिन का छोटा सा अनुशासित प्रयास समय के साथ विशाल परिणाम देता है यही कंपाउंड इफेक्ट है छोटे कारण बड़े परिणाम

आज से अपने जीवन में एक नियम जोड़ी है पहला कर्तव्य फिर सुविधा सुबह उठते ही मोबाइल नहीं बल्कि अपना संकल्प याद करें दिन की शुरुआत उद्देश्य से करें ना कि विचलन से हर शाम स्वयं से पूछे क्या आज मैंने अपने लक्ष्य के लिए ईमानदारी से कार्य किया यदि उत्तर हां है तो समझे कि आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं

आज अपनी डायरी में लिखिए

क्या मैं आज बिना मन के भी अपना कार्य पूरा किया ?

मेरा सबसे बड़ा बहन क्या था ?

मैंने उसे बहाने को कैसे हराया ?

यदि मैं अगले 180 दिनों तक अनुशासित रहा तो मेरा जीवन कैसा होगा ?

प्रेरणा आपको शुरुआत करती है लेकिन अनुशासन आपको मंजिल तक पहुंचना है जो स्वयं पर विजय पा लेता है वही संसार में सबसे बड़ी विजय प्राप्त करता है

याद रखिए जीवन बदलने के लिए किसी जादू किसी विशेष अवसर या किसी चमत्कार की आवश्यकता नहीं होती आवश्यकता होती है केवल प्रतिदिन सही कार्य करने की अनुशासन वही अदृश्य शक्ति है जो सामान्य व्यक्ति को और साधारण बना देती है आज एक छोटा अनुशासित कदम उठाइए क्योंकि यही कम आने वाले वर्षों में आपके संपूर्ण जीवन की दिशा बदल दीजिएगा

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