मोरे संकट के कटैया हनुमान | हनुमान bhajan | more sankat ke kataiya full lyrics
|| पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरत रूप राम लखन सीता सहित, हृदय बसह सुरभूप बोलिए संकट मोचन हनुमान की जय || ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट…
|| पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरत रूप राम लखन सीता सहित, हृदय बसह सुरभूप बोलिए संकट मोचन हनुमान की जय || ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट…
Ashtavakra Gita chapter 9 slok 6 details explain * “क्या गुरु आपको मुक्त कर सकता है?* क्या कोई और आपकी मुक्ति की गारंटी ले सकता है?* या मुक्ति एकदम व्यक्तिगत,…
वासना ही संसार है इसलिए सब वासनाओं को छोड़ दें वासना का त्याग ही संसार का त्याग है अब तू जहां चाहे , जैसे चाहे , स्थित हो जा ||…
||दोहा || लाल देह लाली लसे ,अरु धरि लाल लंगूर | ब्रज दे दानव दलन , जय जय जय कपि सूर || बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक…
अष्टावक्र गीता का 9 अध्याय त्याग वैराग्य और आत्म स्वरूप में स्थित होने की चरम शिक्षा देता है यह अध्याय कर्म , अकर्म , ज्ञान , भोग , मत मतांतर…
अष्टावक्र गीता का 11 अध्याय में हमें ” निश्चय शक्ति ” ( firm conviction) सीखना है । ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को बताते हैं कि जब तक इंसान की बुद्धि…
न ते सङ्गोऽस्ति केनापि कि शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि ।संघातविलयं कुर्वन्नेवमेव लयं व्रज ॥५. १ ॥ आ. गीता हे शुद्ध स्वरूप शिष्य ! जब तेरा किसी भी वस्तुओं से कोई वास्तविक संबंध ही…
दोहा – जोगी जंगम से बड़ा, संन्यासी दरवेश, छटा दर्शन ब्रह्म का, इनमे मीन न मेष । कोई बताओ जोगी आवता, ज्याने लाख बधाई, जोगी ढूंढत म्हाने जुग भया, कोई…
ऊंचा ऊंचा पहाड़, भैरूजी सोनाणा रा सोहवे ओ । काला गोरा भैरू, म्हारो मनहो मोवे ओ, भैरू लटियालो । हाँ, रे भैरू लटियालों, औ खेतलाजी नाम दिरायों ओ। भैरू लटियालो…
“अपबल तपबल और बाहुबल और चौथे बल है दाम, सुर किशोर कृपा से सब बल हारे को हरे राम” • मनुष्य के पास चार तरह के बल होते हैं: °…
जाग उठा है हिन्दु ह्रदय में विश्व विजय विश्वासजाग उठा है हिन्दु ह्रदय में विश्व विजय विश्वासकरवट बदल रहा है देखो भारत का इतिहास सदियों से विस्मृत गौरव का भारत…
राष्ट्र की जय चेतना का गान वंदे मातरम्, राष्ट्रभक्ति प्रेरणा का गान वंदे मातरम् ।। वंदे मातरम् …. वंशी के बहते स्वरों का प्राण वंदे मातरम्, झल्लरी झनकार झनके नाद…
हम करें राष्ट्र-आराधन, हम करें राष्ट्र-आराधन, तन से, मन से, धन से, तन-मन-धन जीवन से हम करें राष्ट्र आराधन ।। अंतर से मुख से कृति से, निश्चल हो निर्मल मति…
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, हर-हर भोले नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय, हर-हर भोले नमः शिवाय…. रामेश्वराय, शिव, रामेश्वराय, हर-हर भोले नमः शिवाय, रामेश्वराय, शिव, रामेश्वराय,…
तरुण वीर देश के मूर्त वीर देश के,जाग जाग जाग रे मातृ भू पुकारती,तरुण विर देश के मूर्त वीर देश के।।1।। शत्रु अपने शीश पर आज चढ के बोलता,शक्ति के…
हम करें राष्ट्र-आराधन, हम करें राष्ट्र-आराधन,तन से, मन से, धन से, तन-मन-धन जीवन से हम करें राष्ट्र आराधन।। अंतर से मुख से कृति से, निश्चल हो निर्मल मति से,श्रद्धा से…
हिमाद्रि तुंग श्रृंग से,प्रबुद्ध शुद्ध भारती।स्वयंप्रभा समुज्ज्वला,स्वतंत्रता पुकारती॥अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ प्रतिज्ञ सोच लो।प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो बढ़े चलो॥असंख्य कीर्ति रश्मियाँ,विकीर्ण दिव्य दाह-सी।सपूत मातृभूमि के,रुको न शूर…