December 2025

है धन्य तेरी  माया जग में ओ दुनिया के रखवाले लिरिक्स | shiv bhajan lyrics  | भोले बाबा का भजन

है धन्य तेरी माया जग में, ओ दुनिया के रखवाले , शिव शंकर डमरू वाले , शिव शंकर भोले भाले जो ध्यान तेरा धर ले मन में , वह जग…

” मैं ” ही बंधन है| बंधन और मोक्ष को समझो | अष्टावक्र गीता अध्याय 8 explain

यह अध्याय न साधना सीखता है , ना नियम , न तपस्या , यह केवल बताता है कि बंधन कब है और मोक्ष कब है ? “जिस काल में चित…

मोरे संकट के कटैया हनुमान | हनुमान bhajan  | more sankat ke kataiya full lyrics

|| पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरत रूप राम लखन सीता सहित, हृदय बसह सुरभूप बोलिए संकट मोचन हनुमान की जय || ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट…

सच में गुरु कौन है ? आत्म ज्ञान का रहस्य अष्टावक्र गीता  | Ashtavakra gita explain

Ashtavakra Gita chapter 9 slok 6 details explain * “क्या गुरु आपको मुक्त कर सकता है?* क्या कोई और आपकी मुक्ति की गारंटी ले सकता है?* या मुक्ति एकदम व्यक्तिगत,…

वासना ही संसार है  , वासना ही दुख का कारण है |  अष्टावक्र गीता अध्याय 9 श्लोक 8 explain| life lessons from ashtavakra Gita

वासना ही संसार है इसलिए सब वासनाओं को छोड़ दें वासना का त्याग ही संसार का त्याग है अब तू जहां चाहे , जैसे चाहे , स्थित हो जा ||…

अष्टावक्र गीता अध्याय 9 | वैराग्य उपेक्षा और पूर्ण स्वतंत्रता का रहस्य | Ashtavakra gita

अष्टावक्र गीता का 9 अध्याय त्याग वैराग्य और आत्म स्वरूप में स्थित होने की चरम शिक्षा देता है यह अध्याय कर्म , अकर्म , ज्ञान , भोग , मत मतांतर…

5 निश्चय जो आपकी जिंदगी बदल देंगे| अष्टावक्र गीता अध्याय 11

अष्टावक्र गीता का 11 अध्याय में हमें ” निश्चय शक्ति ” ( firm conviction) सीखना है । ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को बताते हैं कि जब तक इंसान की बुद्धि…

तू क्या त्यागना चाहता है?  मैं आत्मा हु।क्या त्याग मतलब सब छोड़ना होता है? त्याग क्या है? त्याग का वास्तविक अर्थ!

न ते सङ्गोऽस्ति केनापि कि शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि ।संघातविलयं कुर्वन्नेवमेव लयं व्रज ॥५. १ ॥ आ. गीता हे शुद्ध स्वरूप शिष्य ! जब तेरा किसी भी वस्तुओं से कोई वास्तविक संबंध ही…