आज का चैलेंज है कि पूरा दिन बिना शिकायत किया बिताना । सुनने में यह बहुत आसान लगता है लेकिन वास्तव में यह मन को जीतने की एक बड़ी साधना है। अधिकांश लोग अपनी जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा शिकायत करने में व्यतीत करते थे कोई अपनी परिस्थितियों की शिकायत करता है , कोई अपने परिवार को , कोई अपने काम की ,कोई अपने भाग्य की , और कोई स्वयं की ।
धीरे-धीरे शिकायत करना एक आदत बन जाती है । व्यक्ति हर परिस्थिति में समस्या देखने लगता है और उसकी मन नकारात्मकता से भर जाता है । लेकिन जो व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ना चाहता है उसे एक बात समझनी होगी शिकायत करने से परिस्थितियों नहीं बदलती केवल ऊर्जा नष्ट होती है ।
जब भी हम शिकायत करते हैं हम अपने मन को यह संदेश देते हैं कि हमारे जीवन का नियंत्रण हमारे हाथ में नहीं है हम अपनी शक्ति दूसरे को सौंप देते हैं लेकिन विजेता लोग शिकायत नहीं करते वह समाधान खोजते हैं यदि रास्ता कठिन है तो वह मजबूत बनते हैं यदि स्थिति प्रतिकूल है तो वह स्वयं को बेहतर बनाते हैं उन्होंने यह समझ लिया होता है कि जीवन हमेशा उनकी इच्छा के अनुसार नहीं चलेगा लेकिन उनकी प्रतिक्रिया हमेशा उनके नियंत्रण में । इसलिए वे रोना , दोष देने और बहाने बनाने में समय बर्बाद नहीं करते ।
महान संतों और ऋषियों ने भी जीवन में अनेक कठिन झेली थी । भगवान राम को वनवास , पांडवों को अपमान और संघर्ष मिला । अनेक महापुरुषों ने गरीबी और कठिन परिस्थितियों का सामना किया लेकिन उन्होंने शिकायत नहीं कि उन्होंने अपनी परिस्थितियों को साधना का माध्यम बना लिया यही कारण है कि वह महान बने जो व्यक्ति हर कठिनाई में अवशर देखना सीख जाता है वही जीवन में ऊछा उठता है
आज एक प्रयोग करो सभी मन शिकायत करने लगे तुरंत रुक जाओ और स्वयं से पूछो क्या यह शिकायत मेरी समस्या का सब समाधान करेगी ?
यदि उत्तर नहीं है तो उसी क्षण अपना ध्यान समाधान पर लगाओ धीरे-धीरे तुम देखोगे कि तुम्हारा मन अधिक शांत , अधिक सकारात्मक और अधिक शक्तिशाली बनने लगेगा शिकायत करने वाला मन कमजोर होता है लेकिन समाधान खोजने वाला मन विजेता बनता है । याद रखो कि जीवन में दो प्रकार के लोग होते हैं एक वह जो हर परिस्थिति में शिकायत का कारण ढूंढ लेते हैं और दूसरे वह जो हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता ढूंढ़ लेते हैं अगले 6 महीना में तुम्हें तय करना है कि तुम किस श्रेणी में रहोगे ।
” आज पूरा दिन किसी व्यक्ति , परिस्थिति , मौसम, काम , पैसा या भाग्य की शिकायत नहीं करनी जब भी शिकायत करने का मन हो उसी जगह एक समाधान लिखो “
