कृष्ण कृपा हो तभी कृष्ण नाम लें सकोगे। हरि नाम कृपा । भजन krishna kripa ho tabhi
हरि हरि हरि हरि हरि हरि हरि हरि कृष्ण कृपा हो तभी कृष्ण का नाम ले सकोगे , कृष्ण कृपा हो तभी कृष्ण का नाम ले सकोगे , कृष्ण कृपा…
हरि हरि हरि हरि हरि हरि हरि हरि कृष्ण कृपा हो तभी कृष्ण का नाम ले सकोगे , कृष्ण कृपा हो तभी कृष्ण का नाम ले सकोगे , कृष्ण कृपा…
2026 आ गया है , लेकिन याद रखना _ साल बदलने से जिंदगी नहीं बदलती, जिंदगी तब बदलती है जब इंसान अपनी गलतियां बदलता है । 2026 में यह एक…
है धन्य तेरी माया जग में, ओ दुनिया के रखवाले , शिव शंकर डमरू वाले , शिव शंकर भोले भाले जो ध्यान तेरा धर ले मन में , वह जग…
यह अध्याय न साधना सीखता है , ना नियम , न तपस्या , यह केवल बताता है कि बंधन कब है और मोक्ष कब है ? “जिस काल में चित…
|| पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरत रूप राम लखन सीता सहित, हृदय बसह सुरभूप बोलिए संकट मोचन हनुमान की जय || ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट…
Ashtavakra Gita chapter 9 slok 6 details explain * “क्या गुरु आपको मुक्त कर सकता है?* क्या कोई और आपकी मुक्ति की गारंटी ले सकता है?* या मुक्ति एकदम व्यक्तिगत,…
वासना ही संसार है इसलिए सब वासनाओं को छोड़ दें वासना का त्याग ही संसार का त्याग है अब तू जहां चाहे , जैसे चाहे , स्थित हो जा ||…
||दोहा || लाल देह लाली लसे ,अरु धरि लाल लंगूर | ब्रज दे दानव दलन , जय जय जय कपि सूर || बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक…
अष्टावक्र गीता का 9 अध्याय त्याग वैराग्य और आत्म स्वरूप में स्थित होने की चरम शिक्षा देता है यह अध्याय कर्म , अकर्म , ज्ञान , भोग , मत मतांतर…
अष्टावक्र गीता का 11 अध्याय में हमें ” निश्चय शक्ति ” ( firm conviction) सीखना है । ऋषि अष्टावक्र राजा जनक को बताते हैं कि जब तक इंसान की बुद्धि…
न ते सङ्गोऽस्ति केनापि कि शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि ।संघातविलयं कुर्वन्नेवमेव लयं व्रज ॥५. १ ॥ आ. गीता हे शुद्ध स्वरूप शिष्य ! जब तेरा किसी भी वस्तुओं से कोई वास्तविक संबंध ही…
दोहा – जोगी जंगम से बड़ा, संन्यासी दरवेश, छटा दर्शन ब्रह्म का, इनमे मीन न मेष । कोई बताओ जोगी आवता, ज्याने लाख बधाई, जोगी ढूंढत म्हाने जुग भया, कोई…
ऊंचा ऊंचा पहाड़, भैरूजी सोनाणा रा सोहवे ओ । काला गोरा भैरू, म्हारो मनहो मोवे ओ, भैरू लटियालो । हाँ, रे भैरू लटियालों, औ खेतलाजी नाम दिरायों ओ। भैरू लटियालो…
“अपबल तपबल और बाहुबल और चौथे बल है दाम, सुर किशोर कृपा से सब बल हारे को हरे राम” • मनुष्य के पास चार तरह के बल होते हैं: °…
जाग उठा है हिन्दु ह्रदय में विश्व विजय विश्वासजाग उठा है हिन्दु ह्रदय में विश्व विजय विश्वासकरवट बदल रहा है देखो भारत का इतिहास सदियों से विस्मृत गौरव का भारत…
राष्ट्र की जय चेतना का गान वंदे मातरम्, राष्ट्रभक्ति प्रेरणा का गान वंदे मातरम् ।। वंदे मातरम् …. वंशी के बहते स्वरों का प्राण वंदे मातरम्, झल्लरी झनकार झनके नाद…
हम करें राष्ट्र-आराधन, हम करें राष्ट्र-आराधन, तन से, मन से, धन से, तन-मन-धन जीवन से हम करें राष्ट्र आराधन ।। अंतर से मुख से कृति से, निश्चल हो निर्मल मति…