माटी खोदने तो महल बनाया, मूर्ख कहे घर मेरा, bhajan hasn wani
माटी खोदने तो महल बनाया, मूर्ख कहे घर मेरा, नहीं घर तेरा नहीं घर मेरा, चले जंगल में डेरा ओ || माता केवे बेटा मेरा, बहिन केवे भाई मेरा ओ,…
माटी खोदने तो महल बनाया, मूर्ख कहे घर मेरा, नहीं घर तेरा नहीं घर मेरा, चले जंगल में डेरा ओ || माता केवे बेटा मेरा, बहिन केवे भाई मेरा ओ,…
बिना निवण कुण तिरिया….. दोहा : निवण बड़ी संसार में, और नहीं निवे सो नीच । निवे नदी रो गूंदलो, वो रेवे नदी रे बीच ।। * निवे ज्यूं आम्बा…
ओ मेरे भोले जी, मेरे शंभु जी , मेरे बाबा जी , मेरे भोले जी , मेरे भोले जी करदो नजर, हंसके कट जाए सारी उमर, हां , मेरे भोले…
मन से बड़ा बहरूपिया ना कोई पल-पल रचता स्वांग निराले माया ममता से उलझ रहे वो पड़ जाए जो मन के पाले मन के बहकावे में ना , मन रहा…
आओ म्हारा नटवर नगरिया, पधारो म्हारा नटवर नगरिया, भगता रे क्यू नहीं आयो रे, संता रे क्यू नहीं आयो रे, आवो म्हारा नटवर नगरिया, पधारो म्हारा नटवर नगरिया। संता रे…
ॐ नमः शिवाय | ॐ नमो नारायण काया नगर रे बीच में रे लहरिया लंबा पेड़ खजूर, चढ़े तो मेवा चकले रे चढ़े तो मेवा चकले रे पड़े तो चकनाचूर,…
जय शिव ॐ नमः शिवाय सबना दा रखवाला ओ शिवजी डमरूवाला जी डमरूवाला ऊपर कैलाश रहन्दा भोले नाथ जी शंभु… धर्मियों जो तारदे शिवजी पापिया जो मार्दा बड़ा ही दयाल…
है धन्य तेरी माया जग में, ओ दुनिया के रखवाले , शिव शंकर डमरू वाले , शिव शंकर भोले भाले जो ध्यान तेरा धर ले मन में , वह जग…
|| पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरत रूप राम लखन सीता सहित, हृदय बसह सुरभूप बोलिए संकट मोचन हनुमान की जय || ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट…
||दोहा || लाल देह लाली लसे ,अरु धरि लाल लंगूर | ब्रज दे दानव दलन , जय जय जय कपि सूर || बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुं लोक…
कंचन वाली काया, सैलानी मैं तो पावना, एक दिन जावाला, पाछा कोणी आवाला ।। बोलो बोलो अमृत वाणी, इन मुखड़ा सु, फूला वाली परमलिसोड़ा, अमर पद पावाला, कँचन वाली काया,…
पिछम धरा से म्हारा पीर जी पधारिया || बाबा रामदेव जी की आरती पिछम धरा सू म्हारा पीर जी पधारियाघर अजमल अवतार लियोलाछा बाई सुगना बाई करे हर की आरतीहर…
आज, म्हारे भोले बाबा, भांग घणी पीदी ओ, अरे भांग रा नशा बाबो, परणवाने आयो ओ, अरे आज मारे भोले बाबा, भांग घणी पीदी ओ।। अरे जोनीया नी लायो बाबो,…
गुरुसा मारो अबकोडो जन्म सुधारो मारवाडी भजन श्लोक: सतगुरु दिवो नाम रो, तो क्या जाने संसार। घिरत सिचावो प्रेम रो, वीरा उतारो भवजल पार।। गुरुसा मारो अबकोडो जन्म सुधारो ||…
जियो दो दिन जियो जियो वर्ष पचासा साल कहे कबीर सुनो भाई तोये मारन केरी आसा चूं चूं माटी महल बनाया मूरख कहे घर मेरा ना घर मेरा ना घर…