Chankya niti in hindi/ सम्पूर्ण चाणक्य नीति/ चाणक्य नीति की बातें श्लोक 14 ,15
वरयेत् कुलजां प्राज्ञो विरूपामपि कन्यकाम्। रूपवतीं न नीचस्य विवाहः सदृशे कुले ।। बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वह श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न हुई कुरूप अर्थात् सौंदर्यहीन कन्या से भी विवाह…
