पैसों की कमी दूर करे , if you want to get rid of the shortage of money / emergency fund
काम रखना चाहिए फिर चाहे वह ज्यादा पैसा कमाता हो या कम पैसा कमाता हूं सबसे कम होने का मतलब यह नहीं होता कि इंसान के पास पैसे कम है…
काम रखना चाहिए फिर चाहे वह ज्यादा पैसा कमाता हो या कम पैसा कमाता हूं सबसे कम होने का मतलब यह नहीं होता कि इंसान के पास पैसे कम है…
अध्याय 2 श्लोक 4 , 5, 6 दुर्जनस्य च सर्पस्य वरं सर्पो न दुर्जनः। सर्पों दंशति कालेन दुर्जनस्तु पदे पदे ।। दुष्ट व्यक्ति और सांप, इन दोनों में से किसी…
अध्याय दुसरा श्लोक 7 , 8 मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा नैव प्रकाशयेत् । मन्त्रेण रक्षयेद् गूढं कार्ये चाऽपि नियोजयेत् ।। मन से सोचे हुए कार्य को वाणी द्वारा प्रकट नहीं…
दुसरा अध्याय श्लोक 5 , 6 परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्। वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम् ।। जो पीठ पीछे कार्य को बिगाड़े और सामने होने पर मीठी-मीठी बातें बनाए, ऐसे मित्र…
परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्। वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम् ।। जो पीठ पीछे कार्य को बिगाड़े और सामने होने पर मीठी-मीठी बातें बनाए, ऐसे मित्र को उस घड़े के समान त्याग…
यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दाऽनुगामिनी। विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि।। जिसका बेटा वश में रहता है, पत्नी पति की इच्छा के अनुरूप कार्य करती है और के कारण पूरी…
यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दाऽनुगामिनी। विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि।। जिसका बेटा वश में रहता है, पत्नी पति की इच्छा के अनुरूप कार्य करती है और जो व्यक्ति धन…
विषादप्यमृतं ग्राह्यममेधयादपि काञ्चनम्। नीचादप्युत्तमा विद्या स्त्रीरत्नं दुष्कुलादपि ।। विष में भी यदि अमृत हो तो उसे ग्रहण कर लेना चाहिए। अपवित्र और अशुद्ध वस्तुओं में भी यदि सोना अथवा मूल्यवान…
वरयेत् कुलजां प्राज्ञो विरूपामपि कन्यकाम्। रूपवतीं न नीचस्य विवाहः सदृशे कुले ।। बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वह श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न हुई कुरूप अर्थात् सौंदर्यहीन कन्या से भी विवाह…
आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रु-संकटे । राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः ।। किसी रोग से पीड़ित होने पर, दुख आने पर, अकाल पड़ने पर, शत्रु की ओर से संकट…
लाकयात्रा भय लज्जा दाक्षिण्य त्यागशीलता।पञ्च यत्र न विद्यन्ते न कुर्यात् तत्र संस्थितिम् ।। जहां लोकयात्रा अर्थात जीवन को चलाने के लिए आजीविका का कोई साधन न हो, व्यापार आदि विकसित…
यस्मिन् देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बान्धवाः । न च विद्याऽऽगमः कश्चित् तं देशं परिवर्जयेत् ।। जिस देश में आदर-सम्मान नहीं और न ही आजीविका का कोई साधन है,…
आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद्धनैरपि। आत्मानं सततं रक्षेद् दारैरपि धनैरपि ।। किसी कष्ट अथवा आपत्तिकाल से बचाव के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए और धन खर्च करके भी स्त्रियों…
दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायकः । ससर्पे च गृहे वासो मृत्युरेव न संशयः ।। दुष्ट स्वभाव वाली, कठोर वचन बोलने वाली, दुराचारिणी स्त्री और धूर्त, दुष्ट स्वभाव वाला मित्र, सामने…
मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टस्त्रीभरणेन च। दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति ।। मूर्ख शिष्य को उपदेश देने, दुष्ट-व्यभिचारिणी स्त्री का पालन-पोषण करने, धन के नष्ट होने तथा दुखी व्यक्ति के साथ व्यवहार रखने से बुद्धिमान…
करने पड़ेंगे थोड़े पैसे या कम पैसे बचाने से कुछ नहीं होता लेकिन हम आपको बता देते हैं दोस्तों की अगर आप कम पैसे भी बचते हैं चाहे आप सिर्फ…