Chankya niti in hindi/ सम्पूर्ण चाणक्य नीति/ चाणक्य नीति की बातें श्लोक 12,13
आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रु-संकटे । राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः ।। किसी रोग से पीड़ित होने पर, दुख आने पर, अकाल पड़ने पर, शत्रु की ओर से संकट…
आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रु-संकटे । राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः ।। किसी रोग से पीड़ित होने पर, दुख आने पर, अकाल पड़ने पर, शत्रु की ओर से संकट…