” मैं ” ही बंधन है| बंधन और मोक्ष को समझो | अष्टावक्र गीता अध्याय 8 explain
यह अध्याय न साधना सीखता है , ना नियम , न तपस्या , यह केवल बताता है कि बंधन कब है और मोक्ष कब है ? “जिस काल में चित…
यह अध्याय न साधना सीखता है , ना नियम , न तपस्या , यह केवल बताता है कि बंधन कब है और मोक्ष कब है ? “जिस काल में चित…
Ashtavakra Gita chapter 9 slok 6 details explain * “क्या गुरु आपको मुक्त कर सकता है?* क्या कोई और आपकी मुक्ति की गारंटी ले सकता है?* या मुक्ति एकदम व्यक्तिगत,…
वासना ही संसार है इसलिए सब वासनाओं को छोड़ दें वासना का त्याग ही संसार का त्याग है अब तू जहां चाहे , जैसे चाहे , स्थित हो जा ||…