आई माता ऐं मारी जोगमाया,
आई माता ऐं मारी जोगमाया,
थारे लुल लुल लागू पाव,
मारी जोगमाया ।।
बिलाड़े बनीयो ऐं माता देवरो,
घणो सुवानो थारो सेवरो,
थारी ध्वजा फरुके असमान,
मारी आई माता,
आई माता ऐ मारी जोगमाया
अरे घणा घणा आवे थारे जातरी,
नित नित करे थारी आरती,
थारे केसर पड़े रे अपार,
मारी आई माता,
आई माता ऐं मारी जोगमाया ।।
अरे फूल चढ़ावु थारे नवलखीयो,
हाथ जोड़ थाने अरज करु,
थारे रेवु शरणो रे माय,
मारी जोगमाया,
आई माता ऐं मारी जोगमाया ।
अरे बिलाड़ा नगरी में परचो जोर रो,
सूरज निकले है माता घोर रो,
जटेर भक्त मंडल जश गाय,
मारी आई माता,
आई माता ऐ मारी जोगमाया
आई माता ऐं मारी जोगमाया,
आई माता ऐं मारी जोगमाया,
थारे लुल लुल लागू पाव, मारी जोगमाया ।
