रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।
धरणी रो तेज सूरज बिना सुणो,
रण सुणी एकचंद रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।।
सरवर पाल पानी बिना सुणो,
तरवर सुणो एक पात रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।।
गोरी रा नैण काजल बिना सुणा,
सेज सुणी म्हारे सायब रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।।
माता री गोद पुत्र रे बिना,
रानी सीता एक भाई रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।।
सासु बिना सासरियो सुणो,
साळ सुणो एक सालो रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सूनी भये पांडु रे बिना ।।
दीप कर जोड़ राजा युधिष्ठिर बोले,
हिरदौ सुणो हरि नाम रे बिना,
रण संग्राम भायाँ रे बिना सुणो,
धरती सुनी भये पांडु रे बीना।।
