संत हमारे सिरधणी, मैं संतन की देह ।
राम रोम में रम रया, प्रभु ज्यूं बादल में मेह ॥
एकण वार आईजों, सतगुरु बारम्बार आईजों
धिनगुरुसा म्हारे देश में ओ जी ॥
सतगुरु म्हारा फुलड़ा रे, धिन गुरु म्हारा फुलड़ा।
कोई फुलड़ा मायली वासना ओ जी ॥
सतगुरु म्हारी गंगा रे, धिनगुरु म्हारी गंगा।
कोई गंगा मायली मूंगिया ओ जी ॥
सतगुरु म्हारी माला रे, दाता म्हारी माला।
कोई माला मायली मूंगिया ओ जी ॥
सतगुरु म्हारा देवळ रे, धिनगुरु म्हारा देवळ ।
कोई देवळ मायली देवता ओ जी ॥
सतगुरु म्हारा बादळ रे, धिनगुरु म्हारा बादळ ।
कोई बादळ मायली वीजळी ओ जी ॥
सतगुरु रो परताप ओ, म्हारे धिनगुरु रो परताप ।
कोई जीवण जोशी बोलिया ओ जी
