Day 8 – अपनी संगति बदलो , अपनी जिंदगी बदलो  |choose your circle , choose your future| 6 month transformation yourself challenge

आज की आधुनिक युग में सबसे बड़ा संकट केवल समय की कमी नहीं है बल्कि सही संगति की कमी है मनुष्य अपने विचारों से कम और अपने वातावरण से अधिक बनता है जिस प्रकार एक लोहे का टुकड़ा अग्नि के संपर्क में आकर लाल हो जाता है उसी प्रकार मनुष्य भी अपने मित्रों सोशल मीडिया कार्यस्थल और रोजमर्रा के वातावरण का रंग धारण कर लेता है यदि आपका मित्र समूह हर समय अश्लील सामग्री नशे अलसी गपशप दूसरों की बुराई आसान सफलता और बिना उद्देश्य के जीवन की बातें करता है तो धीरे-धीरे वही आदतें आपके भीतर भी प्रवेश करने लगती है शुरुआत में आपको लगता है कि मैं तो केवल देख रहा हूं मैं तो केवल उनके साथ बैठता हूं लेकिन शास्त्र कहते हैं की संगति का प्रभाव धीरे-धीरे और अदृश्य रूप से मन पर पड़ता है

आज सोशल मीडिया ने संगति की परिभाषा बदल दी है अब केवल आपके आसपास बैठे लोग ही आपकी संगति नहीं है बल्कि जिन लोगों को आप रोज देखते सुनते और फॉलो करते हैं वही आपकी मानसिक संगति है यदि आपका मोबाइल प्रतिदिन घंटे तक आपको वासना क्रोध दिखावा तुलना और लालच से भर रहा है तो समझ लीजिए कि आपकी संगति विषैली हो चुकी है आधुनिक युग में अनेक लोग बुरे  मित्रों से नहीं बल्कि बुरी डिजिटल संगति से हार रहे हैं आपका भविष्य इस बात से तय होता है कि आप प्रतिदिन किसे अपने मन में प्रवेश करने देते हैं

सनातन शास्त्रों में बार-बार संगत का महत्व बताया गया है  ” संगात सजायते काम: ” जिस संगति में मन रहेगा उसी प्रकार की इच्छाएं उत्पन्न होगी यदि संगति लोभियों की होगी तो धन ही जीवन का लक्ष्य बन जाएगा यदि संगति भोगियों की होगी तो इंद्रिय सुख ही सबसे बड़ा सत्य लगेगा यदि संगति ज्ञानी अनुशासित और ईश्वर भक्त लोगों की होगी तो मन स्वयं संयम विवेक और शांति की ओर बढ़ने लगेगा इसलिए शास्त्र केवल अच्छे मित्र बनाने की नहीं बल्कि अपने पूरे वातावरण को शुद्ध करने की शिक्षा देता है

अपने जीवन से ऐसे लोगों को धीरे-धीरे दूर कीजिए जो आपकी ऊर्जा समय और चरित्र को कमजोर करते हैं ऐसे मित्र चुनिए जो आपको बड़े सपने देखने मेहनत करने सत्य बोलने शरीर और मन  को अनुशासित रखने तथा ईश्वर की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें याद रखिए मित्र वही नहीं जो हर समय आपके साथ हँसे सच्चा मित्र वह है जो आपको गिरते हुए देखकर रोक दें आपकी कमजोरी पर सच बोलने का साहस रखें और आपको आपके श्रेष्ठ स्वरूप तक पहुंचने में सहायता करें

आज का संकल्प

मैं अपनी संगति का चयन सोच समझ कर करूंगा मैं ऐसे लोगों विचारों और डिजिटल सामग्री से दूर होगा जो मेरे चरित्र एकाग्रता और आत्म बल को कमजोर करते हैं मैं सत्संग स्वाध्याय और श्रेष्ठ व्यक्तियों की संगति को अपने जीवन का अनिवार्य भाग बनाऊंगा क्योंकि मैं जानता हूं की जैसी संगति वैसी मेरी गति

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