गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, marwadi desi bhajan lyrics
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन घोर अंधेरा जी बिना दीपक मन्दिरियो सूनो, अब नहीं वस्तु का बेरा हो जी ॥ * जब तक कन्या रेवे कंबारी, नहीं…
गुरु बिन घोर अंधेरा रे सन्तों, गुरु बिन घोर अंधेरा जी बिना दीपक मन्दिरियो सूनो, अब नहीं वस्तु का बेरा हो जी ॥ * जब तक कन्या रेवे कंबारी, नहीं…
थारा देवल में बाजा रे बाजे, दिवला री जोत जगाई ऐ माँ, आव आव मारी ईडाणा माँ, अति कटे देर लगाई है माँ रमता रे रमता रमता रमता हे रमता…
दोहा : जमले माँहि जावणो, जागे रावळमाल । रूपां गुरु से अरज करे, गुरु म्हारे सामी भाळ । थाई वायक आया गुरु देव रा ए रूपों बाई जमले पधारो रे…