मैं महासमुंद हु , संसार केवल लहर है | लय योग क्या है, लय योग का रहस्य| अष्टावक्र गीता अध्याय 7

अष्टावक्र गीता का सातवां प्रकरण राजा जनक की आत्म साक्षात्कार से उपजी वाणी है यहां...

श्री हनुमान जी की आरती – आरती कीजिए हनुमान लला की –  shree hanuman ji aarti

|| श्री हनुमान स्तुति|| मनोजवं मारुत तुल्यवेगं,जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं,श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥...

तू क्या त्यागना चाहता है?  मैं आत्मा हु।क्या त्याग मतलब सब छोड़ना होता है? त्याग क्या है? त्याग का वास्तविक अर्थ!

न ते सङ्गोऽस्ति केनापि कि शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि ।संघातविलयं कुर्वन्नेवमेव लयं व्रज ॥५. १ ॥ आ. गीता...

  • Facebook
  • X (Twitter)
  • LinkedIn
  • More Networks
Copy link